मौसम में ठंड के साथ ही अब कोहरे की चादर भी बिछनी शुरू हो गई है। रविवार सुबह घना कोहरा घंटों तक रहा। हाईवे पर भी रात में कोहरे की चादर रही। कोहरा आने से रेल यातायात प्रभावित होना शुरू हो गया है। शनिवार-रविवार को करीब आधा दर्जन से अधिक ट्रेनें घंटों विलंब से स्टेशन पर पहुंची। यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
दीपावली के साथ ही मौसम में ठंड भी बढ़ गई है। कुछ दिनों पूर्व हुई बारिश के बाद मौसम में काफी बदलाव आ गया है। रविवार सुबह कोहरा छाया रहा। कोहरे के कारण कई ट्रेनें घंटों विलंब से पहुंची।
लखनऊ-सहारनपुर पैसेंजर करीब पौने छह घंटे, शहीद एक्सप्रेस तीन घंटे, हावड़ा-काठगोदाम (बाघ एक्सप्रेस) 45 मिनट, जनसेवा एक्सप्रेस साढ़े पांच घंटे, अवध-आसाम (गोहाटी एक्सप्रेस) एक घंटे, देहरादून-काठगोदाम एक्सप्रेस करीब छह घंटे, सियालदाह एक्सप्रेस डेढ़ घंटे, फैजाबाद-दिल्ली एक्सप्रेस डेढ़ घंटे, काशी विश्वनाथ एक घंटे विलंब से स्टेशन पर पहुंचीं।
कुछ अन्य ट्रेन भी मामूली विलंब से पहुंची। ट्रेनों के देर से पहुंचने पर सफर कर रहे यात्रियों के साथ ही स्टेशन पर इंतजार कर रहे यात्रियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। ट्रेनों के कोहरे के कारण विलंब होने का यह सिलसिला दो माह तक रहेगा। ऐसे में कोहरा बढ़ने पर आने वाले दिनों में कई ट्रेनों के संचालन को बंद भी किया जा सकता है।