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Haldwani Violence: बमुश्किल जान बचा घर पहुंचे रामपुर के हजारों लोग, बयां किया आंखों देखा हाल तो कांप गई रूह

Sat, 10 Feb 2024 12:28 PM IST
विमल शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, रामपुर

सार

हल्द्वानी के बवाल के बाद वहां काम करने वाले रामपुर के हजारों लोग घर लौट आए हैं। उन्होंने बताया घटना के दौरान चारों तरफ अफरा-तफरी का माहौल था। घर आने के लिए कोई बस नहीं मिली तो रेत से लदे ट्रक में बैठकर घर पहुंचे। दूसरी तरफ उत्तराखंड बॉर्डर पर लगातार चेकिंग की जा रही है। 
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उत्तराखंड बॉर्डर पर जांच करती रामपुर पुलिस - फोटो : संवाद
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विस्तार
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उत्तराखंड के हल्द्वानी में हुए बवाल के वहां काम करने वाले रामपुर जिले के हजारों लोग वापस लौट आए हैं। सभी लोगों ने सुरक्षा को लेकर चिंता जताई। वहां काम करने वाले लोग जैसे-तैसे अपने घरों को लौट आए। कारोबार करने वाले और रोजमर्रा की जरूरतों के लिए उत्तराखंड पर निर्भर लोग भी वहां जाने से कतरा रहे हैं।

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शुक्रवार के बाद शनिवार को दूध और सब्जी लेकर हल्द्वानी जाने वाले किसान और दूधिये भी नहीं गए। बृहस्पतिवार को हल्द्वानी में हुई घटना की खबर मीडिया और सोशल मीडिया के जरिये जब लोगों तक पहुंचे तो अफवाहों का बाजार गर्म हो गया। हल्द्वानी में रहने वाले जिले के हजारों लोग लोग सुरक्षा के लिहाज से अपने घरों को लौटने लगे।

देर रात से ही लोगों ने उत्तराखंड को छोड़ना शुरू कर दिया। शुक्रवार सुबह भी तमाम लोग रामपुर लौटे। रामपुर जिले के बिलासपुर, स्वार और दढ़ियाल क्षेत्र की उत्तराखंड से सीमा सटी हैं। ऐसे में उत्तराखंड के लोग और रामपुर जिले के लोगों का बॉर्डर के रास्ते से आना जाना होता है।
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प्रतिदिन हजारों लोग उत्तराखंड आते जाते हैं, लेकिन बॉर्डर पर कड़ी चौकसी के बाद पुलिस लोगों का सत्यापन भी कर रही है। रोडवेज और रेलवे से यात्रा करने वाले मुसाफिरों को मुश्किलों का सामना भी करना पड़ रहा है। रामपुर से चलने वाली बसों को हल्द्वानी के अंदर ट्रांसपोर्ट नगर तक जाने की ही अनुमति दी जा रही है।

ऐसे में उत्तराखंड से आने वाले लोगों को ट्रांसपोर्ट नगर से ही बसें मिल रहीं हैं। अधिकारियों के अनुसार हालात नहीं सुधरे तो परिवहन सेवाएं बंद भी करनी पड़ सकती हैं।

मुरादाबाद में पुलिस की तैनाती - फोटो : अमर उजाला

बवाल के हल्द्वानी नहीं गए व्यापारी

हल्द्वानी में हिंसा का असर स्वार के व्यापारियों पर भी पड़ा है। स्वार से हल्द्वानी के लिए प्रतिदिन जाने वाली दूध, सब्जी व अन्य खाद्य सामग्री की व्यवस्था ठप हो गई है। वहीं दूसरी हल्द्वानी से स्वार को होने वाली अदरक व टमाटर की आवक भी रुक गई है। स्वार क्षेत्र के धनपुर शाहदरा और घोसीपुरा पट्टीकलां गांवों से हल्द्वानी के लिए लगभग एक हजार लीटर दूध की आपूर्ति होती है।

हल्द्वानी में बवाल के चलते यह आपूर्ति रुक गई। दूध का कारोबार करने वाले लोगों से जुड़े पशु पालकों से दूध नहीं उठाया जा सका। जिसके चलते पशु पालकों की आमदनी पर असर पड़ा। दूध कारोबारियों शब्बीर हुसैन, खलील अहमद और महबूब अली ने बताया कि धनपुर शाहदरा और आसपास के गांवों से वह लगभग एक हजार लीडर दूध की खरीदारी कर उत्तराखंड को आपूर्ति की जाती है।

जिसका एक बड़ा हिस्सा हल्द्वानी भेजा जाता है लेकिन घटना के बाद दूध नहीं जा सका, यह व्यवस्था कब तक रहेगी, इसका पता नहीं है। वहीं शुक्रवार को उत्तराखंड से अदरक, टमाटर सहित अन्य सामग्री नहीं आ सकीं, जो प्रतिदिन उत्तरखंड से स्वार आती थीं।

हल्द्वानी बवाल के बाद संभल में गश्त करती पुलिस - फोटो : संवाद

फेरी वालों से मांगे गए पुलिस सत्यापनपत्र

हल्द्वानी में बवाल के बाद उत्तराखंड के कालाढूंगी के साप्ताहिक बाजार जाने वाले व्यापारियों का पुलिस द्वारा सत्यापन किया जा रहा है। उत्तराखंड के विभिन्न शहरों में फेरी लगाकर कमाई करने वाले दैनिक मजदूरों को प्रशासन की सख्ती का सामना करना पड़ रहा है। वहां के प्रशासन ने उनसे मूल निवास के साथ थाना पुलिस का सत्यापन मांगा। बिना सत्यापन के प्रवेश नहीं दिया जा रहा है।

हल्द्वानी बवाल के बाद अमरोहा में गश्त करती पुलिस - फोटो : संवाद

हल्द्वानी तक नहीं गईं बसें

रामपुर से 17 बसें रुद्रपुर-हल्द्वानी और काठगोदाम रूट पर चलती हैं। हल्द्वानी में बवाल के बाद बसों का आवागमन भी प्रभावित हुआ। यहां जाने वाली बसें रुद्रपुर के मुसाफिरों को छोड़ने के बाद रामपुर रोड से होते हुए हल्द्वानी में प्रवेश कर रही हैं। हल्द्वानी पहुंचने पर ये बसें ट्रांसपोर्टनगर से वापस हो रही हैं।

बसें हल्द्वानी डिपो तक नहीं जा रही हैं। रास्ते बेरिकेडिंग कर दी गई है। इससे लोगों को परेशानी हो रही है।कुछ चालक-परिचालकों ने बताया कि दिल्ली से हल्द्वानी जा रही 20 सवारियों को जब वहां कर्फ्यू होने की जानकारी मिली तो रास्ते में ही उतर गईं। वहीं हल्द्वानी में काम के लिए जाने वाले लोग भी शुक्रवार को नहीं गए।

हल्द्वानी बवाल के बाद मुरादाबाद में गश्त करती पुलिस - फोटो : संवाद

लालकुआं तक ही चलीं ट्रेनें

हल्द्वानी की घटना के बाद ट्रेनों पर भी इसका असर पड़ा। लखनऊ से काठगोदाम को जाने वाली ट्रेनें लालकुआं तक ही चलाई गईं। हल्द्वानी से ट्रेनों को न चलाकर लालकुआं से ही आवागमन किया जा रहा है। इसके बाद का सफर मुसाफिर अन्य जरियों से तय कर रहे हैं। इसकी जानकारी मिलने पर रामपुर में स्टेशन पर पहुंचे कई यात्री वापस भी लौट गए।

 

रामपुर में गश्त करती पुलिस - फोटो : संवाद

इन ट्रेनों पर पड़ा असर

  • 15043-लखनऊ से काठगोदाम को जाने वाली ट्रेन लालकुआं तक चली।
  • 14120-देहरादून-काठगोदाम एक्सप्रेस भी लालकुआं तक ही चली।
  • 13019-हावड़ा-काठगोदाम एक्सप्रेस लालकुआं तक चली।
  • 12040-नई दिल्ली-काठगोदाम एक्सप्रेस भी लालकुआं तक चली।
  • 15044-काठगोदाम-लखनऊ एक्सप्रेस लालकुआं से होकर गई ।
  • 14119-काठगोदाम-देहरादून एक्सप्रेस लालकुआं से होकर गई।
  • 13020-काठगोदाम-हावड़ा एक्सप्रेस लालकुआं से होकर गई।
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घटना के बाद सब्जी ले जाने और लाने की व्यवस्था ठप हो गई है। ये कब तक रहेगी, इसका कुछ नहीं पता है। लेकिन इससे नुकसान बहुत होगा। - नौबत सैनी, सब्जी विक्रेता, स्वार

हजारों रुपये की कीमत की सब्जियां खराब हो जाएंगी। शुक्रवार को हमारी उत्तराखंड जाने की पूरी तैयारी थी। लेकिन घटना होने के बाद हल्द्वानी जाना रद्द करना पड़ा। - लक्ष्मीकांत सैनी, सब्जी विक्रेता, स्वार

घटना के बाद सब्जियों का उत्तराखंड निर्यात कब तक रुका है ये कहना मुश्किल है। इससे व्यापारियों नुकसान होगा, अभी वहां हालात गंभीर हैं। - आमिर सुहैल, सब्जी विक्रेता, स्वार

काम के लिए रोज हल्द्वानी से रामपुर आना होता है। हल्द्वानी के हालात खराब हैं। बस सेवा भी बंद हो सकती है। इसलिए वापस नहीं जा रहे हैं। -विनोद, हल्द्वानी निवासी

हल्द्वानी में बवाल के बाद डर का माहौल है। मैं वहां प्रतिदिन काम के सिलसिले में जाता हूं। ट्रांसपोर्टनगर से आगे वाहनों को नहीं जाने दिया जा रहा है। इसलिए सुरक्षा को देखते हुए वापस लौट आया। -विपिन, रामपुर निवासी

मैं हल्द्वानी में नौकरी करता हूं। बसों को ट्रांसपोर्ट नगर से होकर गुजारा जा रहा है। वहां पर भी काफी पुलिस तैनात है। जब तक हालात में सुधार न हो जाए तब तक कुछ नहीं कहा जा सकता है। आज रास्ते से ही वापस लौट आया। -धीरज, रामपुर निवासी

मैं हल्द्वानी में कारपेंटर का काम करता हूं। बृहस्पतिवार को साइट पर काम कर रहा था। तभी कमरा मालिक ने बताया कि बनभूलपुरा में उपद्रव हो गया है। इंटरनेट सेवाएं भी बाधित हो गई। जैसे-तैसे रात काटी और सुबह निकलते ही बाइक से चल दिए। पेट्रोल पंप पर पेट्रोल भी नहीं मिल रहा था। एक जगह बड़ी मुश्किल से पेट्रोल मिला। उसके बाद घर लौट आए। वापस लौटने तक घर वाले भी चिंतित रहे।- सैय्यद जैद, शाहबाद

बृहस्पतिवार देर शाम मैं गोभी लेकर हल्द्वानी मंडी गया था। रात करीब 11 बजे अचानक पुलिस फोर्स मंडी पर पहुंच गयी व मंडी का गेट बंद करा दिया गया। इसके बाद मंडी में खरीददार भी नहीं आए व हल्द्वानी में बवाल व गोली चलने की सूचना मिली। जिस पर हम गोभी को मंडी में ही छोड़कर बमुश्किल रेत भरे ट्रक में बैठकर अपने घर लौट आये।- धर्मेंद्र सैनी, किसान, ग्राम मजरा किशनपुर

मैं किसानों से मटर खरीदकर हल्द्वानी स्थित मटर का दाना बनाने वाली फैक्ट्री व सब्जी मंडी में सप्लाई करता हूं। हल्द्वानी में बवाल के बाद ट्रक चालकों द्वारा ट्रक ले जाने से मना कर दिया तथा मंडी भी बंद बतायी जा रही है। जिसके कारण किसानों से खरीदी गयी हरी मटर हमारे पास ही रखी रह गई है। अब उसके खराब होने का खतरा मंडरा रहा है।- हाजी अनवार हुसैन, कारोबारी, ग्राम कजरयाई

मैं टैक्सी से दिल्ली एयरपोर्ट से हल्द्वानी के लिए प्रतिदिन सवारियां लाता हूं तथा वापसी में हल्द्वानी से दिल्ली एयरपोर्ट की सवारियों को ले जाता हूं। हल्द्वानी में बृहस्पतिवार से कर्फ्यू के चलते लोग हल्द्वानी नहीं जा रहे हैं। शुक्रवार को आज पूरा दिन खाली रहना पड़ा। - मोहम्मद फरमान, टैक्सी संचालक, ग्राम हिम्मतनगर

हमारे खेत में गोभी की फसल तैयार है। हल्द्वानी मंडी जाने के लिए गोभी की फसल काटी गयी थी। शुक्रवार की सुबह हल्द्वानी में बवाल की जानकारी होने की वजह से अब ट्रक चालकों ने हल्द्वानी जाने से मना कर दिया है। जिस कारण गोभी की कटी हु़ई फसल खेत में ही पड़ी है। - अफसर अली, किसान , ग्राम किशनपुर
 
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