गांव की सरकार का गठन तो हो गया, लेकिन इस सरकार में अहम भागीदारी निभाने वाले सदस्यों के तमाम पद खाली रह गए। इन पदों पर किसी ने दावेदारी ही नहीं जताई थी। दावेदारी न जताने से इन पदों पर अब दोबारा चुनाव कराया जाएगा। ये चुनाव कब होंगे इसका फैसला आयोग ही करेगा। आयोग को रिपोर्ट भेजी गई है।
करीब एक माह तक गांव की सरकार बनाने के लिए कवायद चली। रामपुर में प्रधान पद के 684, जबकि ग्राम पंचायत सदस्य के 8546 पदों पर चुनाव की प्रक्रिया कराई गई। 684 ग्राम पंचायतों में प्रधान पद के लिए वोटिंग कराई गई। रविवार को मतगणना भी हो गई। परिणाम भी घोषित कर दिए गए।
मतगणना के बाद जो स्थिति सामने आई है उसमें प्रधान पद के सभी पद तो भर गए हैं। सदस्यों के 696 पद रिक्त रह गए हैं। 696 पदों के रिक्त होने से इन पंचायतों की सरकार अभी आधी अधूरी है। सरकार के पूरी तरह से गठन करने के लिए अब इन पदों पर भी चुनाव कराने की बात कही जा रही है।
जिले में ग्राम पंचायतों के वार्डों के 696 पदों के रिक्त रह जाने की रिपोर्ट राज्य सूचना आयोग को भी भेज दी गई है। सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी पंचस्थानी अनिल राय के मुताबिक ग्राम पंचायत सदस्य के 696 पद रिक्त रह गए हैं।