ग्राम पंचायत चुनावों में जहां कई सियासी दिग्गजों ने सैकड़ों वोटों से जीत दर्ज की, वहीं सैकड़ों प्रत्याशी ऐसे भी थे जो एक-एक वोट के लिए तरस गए। जिले की 684 ग्राम पंचायतों पर हुए ग्राम प्रधान के चुनावों के बाद घोषित परिणामों में 597 प्रत्याशी ऐसे रहे, जिन्हें एक वोट भी नहीं मिला। 508 प्रत्याशियों को मात्र एक ही वोट से संतोष करना पड़ा।
कई प्रत्याशियों ने पांच सौ से लेकर आठ सौ वोटों तक के अंतर से जीत दर्ज की है। जिले में 684 ग्राम पंचायतों के लिए चार चरणों में हुए मतदान में कुल 6648 प्रत्याशी अपनी किस्मत आजमा रहे थे। इनमें सबसे अधिक 1678 प्रत्याशी स्वार क्षेत्र में मैदान में उतरे थे। सबसे कम 846 प्रत्याशी बिलासपुर से मैदान में उतरे।
जीत का सेहरा तो सिर्फ 684 के सिर सजा, लेकिन हार-जीत के इस बिसात में जहां कई प्रत्याशियों पर जमकर वोट बरसे तो सैकड़ों प्रत्याशी ऐसे भी रहे जो कि एक-एक वोट को तरस गए। चमरौआ के लालूनगला से मीना ने 781 वोट, नसरतनगर से केसर जहां ने 457 वोट, मिलक के पुरैना से नाजमा बी ने 705 वोट, दुर्गनगला से रिहाना ने 342 वोट, चमरौआ से तबस्सुम जहां ने 815 वोट से जीत दर्ज की।
वहीं, तमाम प्रत्याशी एक-एक वोट को तरसते रहे। सबसे अधिक स्वार क्षेत्र में 193 प्रत्याशी ऐसे थे, जिन्हें कोई वोट नहीं मिला। ये प्रत्याशी अपना खाता तक नहीं खोल सके। वहीं, 166 प्रत्याशियों को महज एक ही वोट से तसल्ली करना पड़ा। सैदनगर में 124 प्रत्याशियों को कोई वोट नहीं मिला तो 107 प्रत्याशियों को सिर्फ एक वोट मिला।
चमरौआ में शून्य वोट वाले 84 और एक वोट वाले 39 प्रत्याशी रहे। बिलासपुर में 77 प्रत्याशी खाता नहीं खोल सके तो 73 को सिर्फ एक वोट मिला। शाहबाद में 52 प्रत्याशियों को कोई वोट नहीं मिला, जबकि 57 प्रत्याशियों को मात्र एक ही वोट से संतोष करना पड़ा।