एक-एक वोट के लिए प्रत्याशी आखिरी समय तक अपने प्रतिद्वंद्वी से भिड़ते रहे। बैलेट की गिनती के साथ ही प्रत्याशियों और उनके समर्थकों के चेहरे की रंगत पल-पल बदलती रही। कई दफा अपनी जीत की आस खो चुके प्रत्याशियों को अंतिम मौके पर जीत हासिल हुई तो वे खुशी से उछल पड़े। हारे हुए प्रत्याशी उदास चेहरे के साथ निकले।
मंडी समिति में मतगणना का काम रविवार को शुरू हुआ। एक माह से ज्यादा समय की मेहनत का रिजल्ट रविवार को सामने आने वाला था। रविवार सुबह से प्रत्याशियों और उनके समर्थकों की सांसें अटकी थीं। वोटों की गिनती शुरू होते ही प्रत्याशी एक-एक वोट के लिए कभी कर्मचारियों से तो कभी अपने प्रतिद्वंद्वी से भिड़ते रहे।
इनको नियंत्रित करने के लिए पुलिस को भी काफी मशक्कत का सामना करना पड़ा। दिनभर मतगणना स्थल पर आपस में भिड़ने का सिलसिला जारी रहा। एक वोट को अपने पक्ष में करने के लिए हायतौबा मची रही। इस दौरान मतगणना स्थलों पर प्रत्याशियों के चेहरे की रंगत पल-पल बदलती रही।
कई दफा तो जीत की आस खो चुके प्रत्याशियों को आखिरी दौर में जीत की तोहफा मिला तो उनके चेहरे खिल उठे। तमाम तो ऐसे लोग थे जो शुरुआत में बढ़त बनाए रहे, लेकिन आखिरी वक्त में पिछड़ गए। बाद में मायूस होकर मंडी समिति से रवाना हो गए। मंडी समिति से गांव तक लोगों में जीत हार को लेकर लोगों में जबर्दस्त उत्साह छाया रहा।