पंचायत चुनाव में इस बार आधी आबादी ने इतिहास रच दिया है। इस बार क्षेत्र में महिला प्रधानों की संख्या पुरुषों से कहीं अधिक है। ब्लाक की 113 ग्राम पंचायतों में 58 महिलाएं प्रधान बनी हैं। पुरुषों की संख्या 55 रही है। प्रधान संघ के ब्लाक अध्यक्ष का पद भी किसी महिला के हाथ में जाने की संभावनाएं दिखने लगी हैं।
ब्लाक की 113 ग्राम पंचायतों में महिलाओं ने 58 सीटों पर कब्जा जमाकर अपना दम दिखाया है। 55 सीटों पर पुरुष प्रधान बने हैं। टेहरी, बहादुरगंज, अहरो, मंसूरपुर, बमनुपरा, बलखेड़ा, पदपुरी, पनवड़िया, करसौला, खजुरिया कलां, कनकपुर, औरंगनगरखेड़ा, पिपलिया गोपाल, कोठाजागीर, कुईया, अबंरपुर, गंगापुर, धावनी बुजुर्ग में महिला प्रधान बनीं।
धावनी हसनपुर, खौंदलपुर, मुबारकपुर, भैंसिया ज्वालापुर, बेगमाबाद, डिबडिबा, मानपुर ओझा, लालपुर, खानपुर, गोकुलनगरी, जिठनिया जागीर, नानकरेन, नूरपुर, पिपलिया जट, मुस्तफाबाद, मुंडिया कलां, पजैया, दनकरा, रुस्तमपुर, अनवरिया, मालनखेड़ा, भटपुरा, महेशपुरा, गजरौला, सनकरा, मिलक मुंडी, खूंटाखेड़ा, चंदेला, मनुनगर, सिकरौरा, हामिदाबाद, शिवनगर, हामिदाबाद, गोधी, खेमरी, लखीमपुर, रम्पुरा, पईपुरा, सरायकदीम, चंदुआ समेत 58 गांवों की प्रधान महिलाएं हैं।
पुरुष प्रधानों में चर्चा हैं कि महिलाओं की संख्या अधिक होने की वजह से कहीं ग्राम प्रधान संगठन के ब्लाक अध्यक्ष के पद पर महिला प्रधान का कब्जा न हो जाए।