नगर विकास मंत्री मोहम्मद आजम खां और प्रदेश के राज्यपाल रामनाईक के बीच चल रही जुबानी जंग में रोचक मोड़ आ गया है। अब रामपुर के कुछ लोगों ने राज्यपाल को चिट्ठी भेजी है। रामपुर की समस्याओं पर जताई जा रही फिक्र में राज्यपाल की ‘तंजिया’ तारीफ की गई है। अल्फाजों ही अल्फाजों में चुभने वाले तीर छोड़े हैं। इशारों में आजम के विरोधियों की मदद का आरोप लगाया गया है।
राज्यपाल पर तंज कसा है कि प्रदेश सरकार के खिलाफ धरना देने रामपुर आएं। यहां की वाम उनके साथ रहेगी। नगर विकास मंत्री के मीडिया प्रभारी प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक पर आजम खां की हत्या सनसनीखेज आरोप लगा चुके हैं। अब रामपुर की आवाम ने राज्यपाल को चिट्ठी भेजी है उसमें शहर में हो रहे विकास कार्यों को लेकर आजम खां की तारीफ की गई है। रामपुर के जो लोग राज्यपाल से मिलने जा रहे हैं उन पर कटाक्ष किया है।
चिट्ठी में कटाक्ष करते हुए कहा गया है कि राज्यपाल से गुजारिश कि है कि प्रगति, उन्नति, निर्माण एवं शिक्षा के नाम पर जो अत्याचार और जुल्म हो रहे हैं उनसे बचाने के लिए वो खुलकर सामने आएं। सिर्फ राजभवन में नौजवानों से मिलकर समस्याओं का समाधान नहीं हो सकेगा। चिट्ठी में तंज कसते हुए कहा है कि वो राजभवन से निकलकर एक दिन के लिए रामपुर आएं। सपा की प्रदेश सरकार के जुल्म और ज्यादतियों से निजात दिलाने के लिए धरने पर बैठे हैं।
समें कहा कि धरने में वो लोग ही शामिल नहीं होंगे जो राजभवन जाते हैं, बल्कि रामपुर की पूरी आवाम धरने में उनका साथ देगी। चिटठी में कहा है कि उनका यह धरना ऐतिहासिक होगा। चिट्ठी पर जावेद मियां, मुजीब खां, नन्हे खां, जाकिर खां, समीर, हनीफ खां, रिजवान खां, आसिफ अली, छोटे, राकेश, रफी, जावेद, महेश, दिनेश सैनी, अशोक कुमार, दीपक, अतुल, अंकुश, राम, सिमरन, विशाल, राकिम, जमील, अनिल, प्रेम कुमार, कुसुम, रंजीता आदि रहे।