बिलासपुर। यूपी और उत्तराखंड में कई आपराधिक मामलों के आरोपी तथा गैंगस्टर व गुंडा एक्ट में निरुद्ध संदीप सिंह चौहान उर्फ सनी उर्फ सानिया (30) की तीन बाइकसवारों ने घर के पास ही दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी। वह तीन दिन पहले ही हल्द्वानी जेल से छूटकर बाहर आया था। मृतक के भाई राजीव की तहरीर पर पुलिस ने गांव के ही दो नामजद और एक अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। एसपी अनिल कुमार सिसोदिया ने घटनास्थल का निरीक्षण कर हमलावरों की गिरफ्तारी के लिए पांच टीमों का गठन किया है।
बरेली जिले के थाना मीरगंज के गांव मोहम्मदपुर निवासी तेजपाल सिंह चौहान कोतवाली क्षेत्र के उत्तराखंड सीमा से सटे गांव डिबडिबा स्थित मलिक फार्म हाउस पर रहकर मजदूरी करते हैं। तेजपाल का पुत्र संदीप सिंह चौहान (30) एक राइस मिल में मजदूरी करता था। वह बृहस्पतिवार सुबह करीब 11 बजे पत्नी शिवानी और तीन साल की बेटी आराध्या को दवाई दिलाकर घर लाैट रहा था। पत्नी शिवानी के अनुसार, गांव स्थित शराब की दुकान के पास संदीप को उसका दोस्त बृजेश मिल गया। इसके बाद संदीप ने उसे व बेटी को घर भेज दिया और स्वयं बृजेश के साथ हो लिया। थोड़ी देर में ही बाइक सवार तीन हमलावरों ने संदीप पर पांच राउंड फायरिंग कर दी। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी बाइकसवार माैके से फरार हो गए। सूचना पर रूद्र बिलास चीनी मिल के कार्यवाहक प्रभारी विष्णु कुमार वर्मा, कोतवाली प्रभारी जीत सिंह, सीओ पीपी सिंह मौके पर पहुंचे। लहूलुहान हालत में बेसुध पड़े संदीप को पुलिस सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गई जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। एसपी अनिल सिंह शिशोदिया ने घटनास्थल पर पहुंचकर जांच पड़ताल की। वहीं फोरेंसिक टीम व डाॅग स्क्वायड ने भी मौके से साक्ष्य जुटाए। पुलिस के अनुसार घटना आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हुई है। पुलिस ने मृतक के भाई राजीव की ओर से दी गई तहरीर के आधार पर रनवीर उर्फ रम्मी, विशाल उर्फ टेबलेट व एक अज्ञात के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। आरोपियों की तलाश में सीमांत प्रदेश उत्तराखंड के जिला ऊधमसिंह नगर के रुद्रपुर, दिनेशपुर, गदरपुर के संदिग्ध स्थानों पर भी पुलिस दबिश दे रही है।
गोलीकांड के बाद बाजार में भगदड़, बंद हुईं दुकानें
हत्या से पहले बाजार में काफी चहल-पहल थी। ताबड़तोड़ गोलियों की आवाज सुनते ही बाजार में अफरातफरी गई। दुकानदारों ने आनन-फानन में अपनी दुकानें बंद कर दीं। लोग इधर-उधर भागने लगे। बाद में पुलिस के आने पर लोगों ने दुकानें खोलीं, लेकिन लोग सहमे नजर आए।
संदीप पर 31 मुकदमे, गैंगस्टर में जा चुका है जेल
सीओ पीपी सिंह के अनुसार, संदीप के खिलाफ बिलासपुर में 16 और उत्तराखंड के रुद्रपुर, दिनेशपुर, गदरपुर थानों में जानलेवा हमला, रंगदारी, मारपीट, लड़ाई-झगड़े आदि के करीब 31 मामले दर्ज हैं। गैंगस्टर और गुंडा एक्ट में भी वह निरुद्ध रह चुका था।
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गांव में था संदीप का खाैफ
ग्रामीणों में चर्चा है कि संदीप आपराधिक प्रवृत्ति का था। वह अक्सर आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों के साथ मिलकर वारदातें करता था। चोरी, मारपीट, रंगदारी जैसे मामलों में उसका नाम आता रहता था। गांव में भी उसका आतंक था। लोग उससे डरते थे और दूरी बनाकर रखते थे। कई बार पंचायतों में भी उसे समझाने की कोशिश की गई, लेकिन वह अपनी हरकतों से बाज नहीं आया।
सीओ पीपी सिंह के अनुसार संदीप पर कोतवाली के अलावा उत्तराखंड के कई थानों में मुकदमे दर्ज हैं। हर बार जेल से छूटने के बाद वह किसी न किसी वारदात को अंजाम दे देता था। गैंगस्टर और गुंडा एक्ट की कार्रवाई के बाद भी उसकी गतिविधियों में सुधार नहीं आया था। पुलिस भी उसकी गतिविधियों को लेकर बेहद परेशान थी और उस पर लगातार नजर रख रही थी।
ग्रामीणों में दहशत, तैनात किया गया पुलिस बल
संदीप की हत्या के बाद पूरे गांव में दहशत भरा माहौल हो गया। लोग जहां-तहां इकट्ठा होकर वारदात की चर्चा कर रहे थे। लोग इसे पुरानी रंजिश का नतीजा बता रहे। एहतियात के तौर पर गांव में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। सीओ का कहना है कि मृतक के भाई राजीव ने गांव के ही तीन लोगों के खिलाफ हत्या करने की नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर रही है।
पत्नी बोली-दुश्मनों ने उजाड़ दी दुनिया
मृतक की पत्नी शिवानी ने बताया कि संदीप की कई लोगों के साथ रंजिश थी। वह तीन दिन पहले ही उत्तराखंड के हल्द्वानी जेल से छूट कर आया था। इसके बाद से उसकी रेकी की जा रही थी। बृहस्पतिवार को बदमाशों ने पति की हत्या कर उसकी दुनिया उजाड़ दी। उसके दो बच्चे हैं। बड़ी बेटी आराध्या तीन साल की और छोटा बेटा आदित्य छह माह का है।