मिलक। नगर स्थित एक निजी अस्पताल में एक फल विक्रेता की मौत हो गई, जिस पर परिजन भड़क गए। परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर गलत इंजेक्शन देने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की। हंगामे की सूचना के बाद पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने हंगामा कर रहे लोगों को शांत किया। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
शनिवार को नगर के हाईवे स्थित मंडी समिति के समीप एक निजी अस्पताल में इलाज के लिए आए नगर निवासी नरेश अपने चाचा सतपाल गोस्वामी (47) को तबियत बिगड़ने पर अस्पताल लाए थे। नरेश नेआरोप लगाया कि डॉक्टर द्वारा लापरवाही बरतते हुए गलत इंजेक्शन लगाने पर उसकी मौत हो गई। परिजनों ने आरोप लगाया कि अस्पताल के डॉक्टर और संचालक द्वारा उन्हें किसी भी प्रकार की जानकारी नहीं दी। उन्होंने इंजेक्शन लगाने से मना भी किया था लेकिन मनमानी करते हुए डॉक्टर ने फर्जी इलाज करते हुए इंजेक्शन लगा दिया, जिसके बाद उनकी हालत बिगड़ गई और कुछ देर में उसकी मौत हो गई।
परिजनों ने इस दौरान हंगामा किया। सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। मृतक के भतीजे ने पूरे प्रकरण की जानकारी अधिकारियों को फोन कर दी। परिजनों ने बताया कि सतपाल तीन बत्ती चौराहे पर फल का ठेला लगाकर अपनी रोजी-रोटी कमाते थे। उनकी मौत के बाद परिवार के आगे रोजी-रोटी का बड़ा संकट खड़ा हो गया है। सतपाल अपने पीछे पत्नी अंजू, पुत्री रश्मि, पुत्र हिमांशु और कुलदीप को छोड़ गए हैं। एसडीएम सुनील कुमार ने बताया कि उपरोक्त घटना के संबंध में स्वास्थ्य विभाग के नोडल अधिकारी को कार्रवाई के लिए कहा गया है। मृतक के परिजन कार्रवाई के लिए कोतवाली में तहरीर दे सकते हैं। समाचार लिखे जाने तक मृतक का शव अस्पताल में मौजूद था। वहीं स्वास्थ्य विभाग के नोडल केके चहल ने बताया कि एक व्यक्ति की मौत की सूचना मिली है। जांच के बाद अग्रिम विभागीय कार्रवाई की जाएगी।