उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की आहट तेज हो गई है, और इस चुनावी बिगुल से पहले ही राजनीतिक दलों ने अपनी कमर कसनी शुरू कर दी है। इस परिप्रेक्ष्य में, अमर उजाला की टीम जमीनी हकीकत को टटोलने के लिए प्रदेश के विभिन्न जिलों का दौरा कर रही है।
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 की आहट तेज हो गई है, और इस चुनावी बिगुल से पहले ही राजनीतिक दलों ने अपनी कमर कसनी शुरू कर दी है। इस परिप्रेक्ष्य में, अमर उजाला की टीम जमीनी हकीकत को टटोलने के लिए प्रदेश के विभिन्न जिलों का दौरा कर रही है। इस बार हमारी टीम रामपुर जिले में सरकारी योजनाओं के आम जनजीवन पर पड़े प्रभाव और विकास के दावों की असल तस्वीर को समझने का प्रयास किया गया।
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रामपुर के वेंडर्स को मिला अपना ठिकाना
सक्षम यूपी के तहत अमर उजाला की टीम रामपुर पहुंची जहां पीएम स्वनिधि योजना को लेकर टीम ने दुकानदारों से बातचीत की। दुकानदारों ने बताया कि सरकार बहुत अच्छा काम कर रही है। अब ये परमानेंट जगह मिल गई है। दूसरे दुकानदार ने कहा कि सरकार रोजगार दे रही है लोग आत्मनिर्भर हो रहे हैं। आगे कहा कि रामपुर की पहले वाले से अब ज्यादा ही तरक्की हो रही है। दुकानदार ने आगे बताया कि जब से बीजेपी विधायक आकाश जीते तबसे अच्छा काम हो रहे है। पीएम स्वनिधि योजना को लेकर दुकानदारों ने बताया किपहले तो इतनी दिक्कतें होती थी कि जैसे ही आंधी तूफान आया या कुछ भी हुआ तो सारा उड़ जाता था ये। फिर दोबारा दो दिन उसे सही करने में लग जाते थे तो दिक्कत होती थी। जब से ये बना है तब से कोई समस्या नहीं हो रही है।
IGRS रैंकिंग में राज्य में टॉप पर रहा रामपुर
उत्तर-प्रदेश का रामपुर जिला लगातार चौथी बार IGRSकी रैंकिंग में पूरे राज्य में टॉप आया है।
ODOP से चमका रामपुर का मेंथा कारोबार
रामपुर के चाकू बहुत प्रसिद्ध हैं लेकिन रामपुर चाकू के साथ-साथ में मैंथॉल के लिए भी जाना जाता है। मैंथॉल जिसे पिपरमिंट कहा जाता है। राज्य सरकार ने ओडीओपी के तहत मेंथॉल को शामिल किया है। किस तरह से यहां मेंथॉल का काम होता है। कहां-कहां एक्सपोर्ट होता है रामपुर में तैयार किया गया मेंथॉल? यहां हम बात करेंगे। प्लांट के इंचार्ज बंशीधर पांडेय ने बातचीत के दौरान बताया कि पहले एक पुरानी यूनिट जो शहर में है वहां से ये शिफ्ट हुआ और ये 2018 से प्रोडक्शन में आया। जहां पे हम लोग खड़े हैं यह यूनिट हमारा सेकंड यूनिट है और इस यूनिट में हमारे रॉ मटेरियल आता है चाइना और इंडोनेशिया से। उस मटेरियल को लेकर के हम एक छोटा रिएक्शन का ट्रीटमेंट देते हैं। इसके बाद डिस्टिलेशन होता है और डिस्टिलेशन का प्यूरीफाई करके और हमारे ये फाइनल टैंकों में आ जाता है। यहां से हम फिलिंग करके पैक करके और एक्सपोर्ट के लिए तैयार करते हैं और बाकी एक्सपोर्ट हो जाता है।
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रामपुर में बन रहा 70 करोड़ का सद्भावना भवन
रामपुर के सद्भावना मंडप अभी निर्माणाधीन है। कहा जा रहा है कि यह रामपुर का सबसे बड़ा प्रोजेक्ट है और राज्य सरकार का सबसे बड़ा तोहफा भी है। यहां के जिलाधिकारी ने बातचीत के दौरान बताया कि रामपुर में मुख्यमंत्री की प्रेरणा से इसकी संकल्पना की गई थी। यह कला, संस्कृति और कौशल विकास को बढ़ाने के लिए है। यह जो सद्भावना केंद्र है, इसकी लागत लगभग 70 करोड़ है और यह इसका निर्माण कार्य लगभग पूर्ण हो चुका है और अगले दो से तीन महीने में इसमें जो इसकी फंक्शनिंग है वह स्टार्ट हो जाएगी। इस सद्भावना केंद्र के अंतर्गत तीन बड़े मंडप है। तीन हॉल है जिसमें प्रत्येक की 2000 की कैपेसिटी है। इस प्रकार से 6000 लोगों की क्षमता के लिए तीन हॉल इसमें बनाए गए हैं। इसके साथ ही इसमें 500 से अधिक क्षमता का ऑडिटोरियम बना हुआ है। इसके साथ ही एग्जीबिशन हॉल है जहां पर कला एवं संस्कृति की प्रदर्शनियां लगाई जा सकती हैं। इसके साथ ही इसमें शॉपिंग कॉम्प्लेक्स बना हुआ है जिसमें लगभग 40 से अधिक दुकानें हैं। इसमें जो लोकल उत्पाद है ओडीओपी इत्यादि इसको बढ़ावा देने के लिए समय-समय पर मेले और प्रदर्शन लगाने के लिए यह शॉपिंग कॉम्प्लेक्स पूरा बनाया गया है। इसके साथ ही इसमें एक गेस्ट हाउस है जिसमें 40 से अधिक कमरे हैं। तो जो भी सांस्कृतिक कार्यक्रमों में शामिल होने हमारे गेस्ट आते हैं उनके रुकने की व्यवस्था है। इस प्रकार से एक ये बहुत बड़ी बड़ा प्रतिष्ठान जनपद रामपुर में निर्माण किया गया है