रामपुर। पैसा दोगुना करने के नाम पर एक करोड़ रुपये की रकम हड़प लेने के मामले में कोर्ट के आदेश पर सिविल लाइंस कोतवाली की पुलिस ने मुरादाबाद की एक दंपती सहित दस लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
केमरी थाना क्षेत्र के गांव शिवनगर निवासी कुंदन सिंह कहना है कि एक जनवरी 2009 को राजीव कुमार शर्मा नाम का व्यक्ति उनके पास आया और खुद को एक कंपनी प्रेस्टीज इन्फ्रा डवलपर्स इंडिया लिमिटेड मुरादाबाद का मालिक बताया। उनके साथ अन्य लोग भी थे जिन्हें कंपनी का डायरेक्टर बताया गया। कहा कि उसकी एक शाखा रामपुर एलआईसी रोड पर स्थित है। आरोप है कि राजीव शर्मा ने दावा किया कि उनकी कंपनी पॉलिसी करती है और जमा कराई गई रकम पर पांच साल में डेढ़ गुना वापस करेगी। इसके अलावा जो भी फिक्सड डिपोजिट कराएगा उसको समय पूरा होने पर दोगुना राशि मिलेगी। कंपनी के लिए पैसा जमा कराने वाले एजेंटों को दस फीसदी कमीशन मिलेगा। कुंदन का कहना है कि राजीव शर्मा की बातों की यकीन करके उसने अपने गांव काफी लोगों का पैसा इस कंपनी में जमा करवा दिया। कई लोगों को एजेंट भी बनवा दिया।
कंपनी में लगभग एक करोड़ रुपये जमा कराए। जब पॉलिसी और एफडी पूरी हो गई तो लोगों ने अपने पैसे मांगने शुरू कर दिए। तब कहा कि पैसा जमा कराने की रसीद और बांड जमा करा दो, अक्तूबर 2018 तक पैसे मिल जाएंगे। अक्तूबर 2018 में लोगों ने पैसे मांगे तो कहा अभी पैसे हेड ऑफिस से नहीं आए हैं, दोबारा से रसीद जमा होगी। दिसंबर माह में पैसा मिलेगा। कुंदन सिंह का कहना है कि 25 अक्तूबर 2018 को जब वह गांव के लोगों के साथ कंपनी के कार्यालय पर पहुंचा तो वहां ताले पड़े थे। कंपनी के अधिकारी फरार हो चुके थे। फोन पर संपर्क करने पर आरोपियों ने गाली-गलौज शुरू कर दी। उनका कहना है कि इस मामले में सिविल लाइंस कोतवाली को तहरीर दी गई, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। पुलिस टरकाती रही। 19 नवंबर 2019 को सभी लोग एसपी भी मिले थे, लेकिन वहां से इंसाफ नहीं मिला। इसके बाद मुकदमा दर्ज कराने के लिए कोर्ट का दरवाजा खटखटाया गया। कोर्ट ने सुनवाई के बाद इस मामले में रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दिए हैं। कोर्ट के आदेश के पर सिविल लाइंस कोतवाली की पुलिस ने मुरादाबाद निवासी राजीव कुमार शर्मा, राजेंद्र कुमार शर्मा, पवन शर्मा, चंदना शर्मा, कुंदन शर्मा, नितिन शर्मा, राजेंद्र कुमार शर्मा, पारुल रस्तोगी, अनुज रस्तोगी और जयपुर निवासी नमित शर्मा के खिलाफ आईपीसी की धारा 420, 406, 504 और 506 के तहत रिपोर्ट दर्ज कर ली है।