रामपुर। संभागीय परिवहन विभाग की ओर से अब ई-रिक्शा चालकों पर शिकंजा कसने की तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए ई-रिक्शा चालकों की यूनियन के पदाधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि ई-रिक्शा में चार बच्चों से अधिक नहीं लेकर जाए जाएंगे। साथ ही संभागीय परिवहन विभाग अभिभावकों को भी प्रेरित करेगा कि वे अपने बच्चों को ऐसे ई-रिक्शा से भेजें, जो यातायात नियमों और मानकों का पालन करता हो।
27 अप्रैल को अमर उजाला के अंक में पेज नंबर चार पर स्कूली वाहनों के रूप में प्रयोग हो रहे ई-रिक्शा, मानकों की कर रहे अनदेखी खबर प्रकाशित हुई थी। इसके बाद संभागीय परिवहन विभाग हरकत में आया। संभागीय परिवहन विभाग ने ई-रिक्शा में स्कूल ले जाने वाले ई-रिक्शा संचालकों पर शिकंजा कसने की तैयारी की। जिसमें ई-रिक्शा चालकों की यूनियन के पदाधिकारियों को ई-रिक्शा में चार से अधिक बच्चे न बैठाने को कहा। यात्रीकर अधिकारी अनीता वर्मा ने बताया कि ई-रिक्शा संचालकों को चार से अधिक बच्चे न बैठाने के निर्देश दिए हैं। सोमवार से इसको लेकर अभियान चलाया जाएगा। जिसमें ई-रिक्शा में चार से अधिक बच्चे होने पर कार्रवाई की जाएगी।