रामपुर। पूर्व पालिकाध्यक्ष अजहर अहमद खां को करीब चार साल बाद आखिरकार जेल से राहत मिल गई। हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद शनिवार को उन्हें बिजनौर जेल से रिहा कर दिया गया। जेल से बाहर आते ही समर्थकों ने फूल-मालाओं से उनका स्वागत किया। बाद में वह रामपुर स्थित अपने आवास पहुंचे, जहां बड़ी संख्या में समर्थकों और शुभचिंतकों ने उनसे मुलाकात की।
अजहर अहमद खां को सपा के वरिष्ठ नेता आजम खान का करीबी माना जाता है। वर्ष 2012 में वह रामपुर पालिका के अध्यक्ष चुने गए थे। इसके बाद 2017 में उनकी पत्नी फात्मा जबीं ने चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। यूपी में सरकार बदलने के बाद उनके खिलाफ 32 मुकदमे दर्ज हुए। हाईकोर्ट से जमानत आदेश मिलने के बाद शनिवार को रिहाई के बाद सपा नेता ओमेंद्र चौहान, अमरजीत सिंह, काशिफ खान समेत कई समर्थक उन्हें लेने बिजनौर जेल पहुंचे थे। रिहाई के बाद समर्थकों ने उनका स्वागत किया।
मार्च 2022 में किया था कोर्ट में सरेंडर, पनवड़िया पार्क मामले में दर्ज हुआ था मुकदमा
अजहर अहमद खान के खिलाफ सिविल लाइंस कोतवाली में पनवड़िया पार्क निर्माण से जुड़े कथित धोखाधड़ी के मामले में रिपोर्ट दर्ज की गई थी। इस मुकदमे में नगर पालिका के कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों को भी नामजद किया गया था। अजहर खां के अधिवक्ता इरफान अहमद खां के अनुसार अजहर ने मुरादाबाद में दर्ज मामले में सरेंडर किया था। 16 मार्च 2022 से वह बिजनौर जिला कारागार में निरुद्ध थे। सेशन कोर्ट से राहत न मिलने पर उन्होंने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया, जहां से उन्हें जमानत मिल गई। जमानत आदेश के बाद लगभग चार वर्ष बाद उनकी जेल से रिहाई संभव हो सकी। अजहर पर कुल 32 मामले विचाराधीन हैं।