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आरा मशीन संचालकों ने वन दरोगा को पीटा

Wed, 17 Oct 2018 12:13 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ रामपुर
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वन दरोगा राजकुमार।
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अवैध रूप से चल रही आरा मशीन के बारे में अधिकारियों को जानकारी देने जा रहे वन दरोगा की तहसील के गेट पर पिटाई कर दी गई। शोर शराबा सुन कर आए अन्य वन कर्मियों को देख आरोपी जान से मारने की धमकी देकर फरार हो गए ।

मामले की जानकारी मिलते ही एएसपी ने कोतवाली पुलिस को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। इस पर पुलिस ने वन टीम के साथ जाकर आरा मशीन पर रखी गई सागौन की लकड़ी बरामद कर आरामशीन को उखड़वा कर कब्जे में ले लिया। वन दारोगा की तहरीर के आधार पर पुलिस ने दो लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है।       
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वन विभाग के वन दारोगा राजकुमार को सूचना मिली कि स्वार-बाजपुर मार्ग पर अवैध रूप से एक आरा मशीन का संचालन किया जा रहा है। इस पर वह जानकारी करने आरामशीन पर पहुंच गए और आरामशीन का लाइसेंस दिखाने को कहा। लाइसेंस न दिखाने पर वन दारोगा राजकुमार कार्रवाई की चेतावनी देते हुए तहसील दिवस में अपने अधिकारियों को अवगत कराने के लिए जा रहे थे।

आरोप है कि जैसे ही वह तहसील के गेट पर पहुंचे तो आरामशीन संचालक दो भाइयों फईम और नसीम ने उन्हें रोक लिया और गाली-गलौज करने लगे ।जब गाली देने से मना किया तो दोनों भाइयों ने वन दारोगा को पीटना शुरू कर दिया।  शोर शराबा सुनकर तहसील दिवस से अन्य वन कर्मी आ गए। जिन्हें देखकर दोनों भाई वन दारोगा को जान से मारने की धमकी देते हुए फरार हो गए। वन दारोगा ने उनके साथ हुई मारपीट की जानकारी वन क्षेत्राधिकारी माजिद इब्राहिम सहित तहसील दिवस में मौजूद एएसपी को दी ।इस पर उन्होंने कोतवाली पुलिस को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए ।

कोतवाली पुलिस और वन विभाग की टीम ने जाकर आरा मशीन पर छापा मारा।लेकिन उन्हें वहां कोई मौजूद नही मिला ।वन विभाग की टीम व पुलिस ने आरामशीन से 41 गोटे सागौन बरामद की जिसकी कीमत तीन लाख रुपये से अधिक बताई गई है।वन टीम ने लाइसेंस नही होने के बावजूद आरामशीन का संचालन करने पर आरामशीन को उखड़वा दिया और कब्जे में कर कोतवाली ले आए। वन दारोगा ने दोनों भाइयों को नामजद कर तहरीर पुलिस को देकर संबंधित धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
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वहीं, वन तस्करों के आगे वन विभाग के इंतजाम नाकाफी साबित हो रहे हैं। यही वजह है कि वन कर्मियों पर वन तस्कर हावी होते जा रहे हैं। पहले भी वन कर्मियों पर हमले हो चुके हैं,लेकिन इन मामलों में पुलिस की सुस्ती भी कम लापरवाह नहीं है। जिले में पीपली वन में करोड़ों की लकड़ी वन तस्करों के निशाने पर है। 
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