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50 से अधिक गांवों पर बाढ़ का खतरा...

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रामपुर। नदियों के बढ़ते जलस्तर से जिले के 50 से अधिक गांवों में बाढ़ का खतरा है। इनमें सर्वाधिक गांव सैदनगर क्षेत्र के हैं। इसके अलावा पटवाई, शाहबाद और स्वार टांडा क्षेत्र के भी तमाम गांव हैं, जहां बाढ़ आई तो बड़ा नुकसान हो सकता है। साथ ही जन-जीवन भी प्रभावित हो सकता है।
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पहाड़ी इलाकों में लगातार हो रही अतिवर्षा के चलते जलाशयों का जलस्तर बढ़ गया है। ऐसे में जलाशयों का दबाव कम करने के लिए अतिरिक्त पानी नदियों में छोड़ दिया जाता है। इसके चलते रामपुर में भी कोसी नदी और रामगंगा नदी का जलस्तर बढ़ा हुआ चल रहा है। हालांकि, अभी जलस्तर खतरे के निशान से नीचे है। कोसी नदी का खतरे का निशान 195.23 मीटर (समुद्र तल से) जल स्तर पर है, जबकि फिलहाल कोसी नदी 193.23 मीटर पर बह रही है। इसी तरह रामगंगा नदी में खतरे का निशान 196.36 मीटर (समुद्र तल से) है। वहीं, अब नदी में 195.65 मीटर पर बह रही है। यदि पहाड़ी इलाकों में बारिश का सिलसिला जारी रहा तो कोसी व रामगंगा नदी के किनारे बसे करीब पचास से अधिक गांवों पर बाढ़ का खतरा है।
इन गांवों पर है बाढ़ का खतरा
सैदनगर क्षेत्र के बजावाला, इमरता, खेमपुर, बिजपुरी, ईश्वरपुर, लंबापुरी, लालपुर, शौकतनगर, आलियागंज, अहमदाबाद, नबी गंज, फेजगंज, प्रानपुर, बैंजना, रवन्ना, सींगनखेड़ा आदि गांवों में बाढ़ आ सकती है। जबकि, शाहबाद क्षेत्र के बीसरा, बीसरी, मंढ़ोली, मथुरापुर, मदारपुर चंडका, सूपा आदि गांवों में बाढ़ का खतरा है। स्वार का फरीदपुर, रूस्तमनगर, मधुपुरी, सोनकपुरी, रसूलपुर आदि गांव बाढ़ की चपेट में आ सकते हैं। इसी तरह कुछ गांव बिलासपुर और कुछ गांव भोट क्षेत्र के शामिल हैं, जहां बाढ़ आ सकती है।
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समाचार पत्र के माध्यम से लेते रहे बाढ़ की सूचना
रामपुर। अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व राम भरत तिवारी ने कहा कि जनपद मुख्यालय एवं समस्त तहसीलों में बाढ़ कंट्रोल रूम 24 घंटे सक्रिय हैं। जनपद में तहसीलवार 36 बाढ़ चैकियां स्थापित की गई हैं।
बाढ़ की स्थिति उत्पन्न होने पर आमजन से सुरक्षा की दृष्टि से अपेक्षा की जाती है कि यदि उनके क्षेत्र में बाढ़ अथवा अतिवर्षा की स्थिति भविष्य में बने तो तो रेडियो, समाचार पत्रों या टीवी के माध्यम से बाढ़ की सूचना लगातार लेते रहें। अफवाहों पर ध्यान न दें। अपने निकटतम बाढ़ चौकी, शरणस्थल एवं सुरक्षित मार्गों की पूर्ण जानकारी रखें। आपातकालीन किट तैयार रखें। विद्युत आपूर्ति बंद रखें। उन विद्युत उपकरणों का प्रयोग न करें, जो पानी में भीगे हों। बच्चों को बाढ़ के पानी के पास खेलने की अनुमति न दें। बाढ़ की स्थिति उत्पन्न होने पर कोरोना के दृष्टिगत आश्रय स्थलों पर समाजिक दूरी बनाए रखें।
यहां बनीं हैं बाढ़ चौकियां
रामपुर। तहसील सदर मे ग्राम बेनजीरपुरा उर्फ घाटमपुर, भोट, अजीमनगर, हसनपुर, मंढौली, एकता तिराह चौकी रवाना, खौद पुलिस चैकी, तहसील मिलक में ग्राम सिलई बड़ा गांव, परम, मनौना एवं सिमरिया, तहसील टाण्डा मे ग्राम दढ़ियाल मुस्तहकम, अकबराबाद, लाम्बा खेडा, सहरिया लक्खा, बादली, लालपुर एवं सैदनगर, तहसील स्वार मे ग्राम खेमपुर कुवंरपुर नानकार, कोयली, मधुपुरा, समोदिया एवं तहसील स्वार मुख्यालय, तहसील बिलासपुर में ग्राम सनकरा, केमरी, लालपुर, पदपुरी, खजुरिया खुर्द एवं तहसील बिलासपुर मुख्यालय एवं तहसील शाहबाद में ग्राम चन्द्रपुरा कलां, सैफनी, पटवाई, कूप, रेवड़ी खुर्द एवं तहसील शाहबाद मुख्यालय में स्थापित की गई हैं, जो वर्तमान में सक्रिय हैं।
इन नंबरों पर करें फोन
रामपुर। जनपद मुख्यालय पर स्थित कंट्रोल रूम का दूरभाष नंबर-0595-2351121, तहसील सदर 0595-2324818, तहसील स्वार 0595-2515622, तहसील टाण्डा 0595-2535034, तहसील बिलासपुर 9719375200, तहसील मिलक 0595--224156 एवं तहसील शाहबाद 05960-264067 है।
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