फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

खतरे के निशान के करीब बह रही कोसी नदी, पसियापुरा गांव का कटा संपर्क

विज्ञापन
विज्ञापन
रामपुर। पहाड़ी इलाकों में लगातार बारिश और रामनगर बैराज से पानी छोड़े जाने से कोसी नदी का जलस्तर बढ़ गया है। नदी खतरे के निशान के करीब बह रही है। रामपुर में कोसी नदी का खतरे का निशान 195.23 मीटर (समुद्र तल से) है, जबकि कोसी नदी 194.06 (समुद्र तल से) मीटर पर बह रही है। पानी ज्यादा आने की वजह से पसियापुरा गांव का संपर्क मार्ग कट गया है। वहीं, जलस्तर बढ़ने से शाहबाद, सैदनगर एवं स्वार और टांडा के कई गांवों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। प्रशासन की ओर से बाढ़ संभावित गांवों में एडवाइजरी जारी की गई है। लोगों से अपील की गई है कि वे नदी की तरफ न जाएं, ताकि किसी प्रकार का खतरा न हो।
विज्ञापन

मानसून की दस्तक के साथ ही जिले में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। खासकर, कोसी नदी जो रामपुर की बड़ी आबादी को प्रभावित कर सकती है। बीते दो दिनों की बात की जाए तो पहाड़ी इलाकों में लगातार हो रही बारिश एवं रामनगर बैराज से लगातार पानी छोड़े जाने की वजह से कोसी नदी का जलस्तर बढ़ गया। शनिवार को रामनगर बैराज से 33148 क्यूसेक पानी छोड़ा गया था, जो रविवार को रामपुर आ गया। इससे कोसी नदी उफान मारने लगी। कोसी नदी खतरे के निशान के करीब बहने लगी। सिंचाई विभाग के अफसरों की मानें तो रामपुर में 195.23 मीटर पर कोसी नदी का खतरे का निशान है, जबकि रविवार को शाम करीब चार बजे कोसी नदी 194.06 मीटर पर बह रही थी। कोसी नदी में इतना अधिक पानी आने की वजह से सैदनगर क्षेत्र के पसियापुरा गांव का संपर्क कट गया, जबकि खेत पानी में डूब गए। वहीं, पानी बढ़ने की जानकारी मिलते ही अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व रामभरत तिवारी, उप जिलाधिकारी सदर सचिन राजपूत, अधिशासी अभियंता सिंचाई सियाराम समेत तमाम अधिकारियों ने कोसी नदी का जायजा लिया। साथ ही सभी बाढ़ चौकियों को अलर्ट रहने के दिशा निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि फिलहाल रविवार को तो कोसी नदी का जलस्तर बढ़ा है, लेकिन अब पानी धीरे-धीरे कम होगा। फिर भी पूरी सतर्कता बरती जा रही है। ग्रामीणों को नदी की तरफ न आने के लिए एडवाइजरी जारी कर दी गई है।
00
दढ़ियाल में घटने लगा कोसी नदी का जलस्तर
दढ़ियाल। रामनगर बैराज से कोसी नदी में पानी छोड़ने के बाद कोसी नदी का जलस्तर बढ़ गया था। पहले कोसी नदी का जलस्तर 200 मीटर था, जबकि पानी आने के बाद जलस्तर 209.60 मीटर पर पहुंच गया। हालांकि, यह पानी गुजरने के बाद कोसी नदी का जलस्तर फिर से कम होने लगा है। रविवार को कोसी नदी का जल स्तर 194.06 मीटर (समुद्र तल से) था। क्षेत्र के किसानों का कहना है कि पानी घटने के दौरान कोसी नदी गन्ने के खेतों का बड़े पैमाने पर कटान कर सकती है। उनकी मानें तो अधिकांश ग्रामीणों के समक्ष पशुओं के लिए चारे की समस्या हो गई है।
विज्ञापन

00
रामगंगा का जलस्तर बढ़ा, लोग चिंतित
सैफनी। पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश के कारण रामगंगा का जलस्तर स्तर बढ़ गया है, जिससे क्षेत्र के ग्रामीण भी चिंतित हो गए हैं। कई गांवों में बाढ़ का खतरा उत्पन्न हो गया है।
सैफनी के समीप से होकर गुजर रही रामगंगा नदी का जलस्तर पिछले कई दिनों से सामान्य चल रहा था, लेकिन मैदानी और पर्वतीय क्षेत्रों में हो रही बारिश के कारण शनिवार को नदी का जलस्तर बढ़ गया। जलस्तर के बढ़ने के चलते सैफनी क्षेत्र बैरुआ, मजरा, जटपुरा, ललवारा आदि तमाम रामगंगा किनारे सटे गांवों में बाढ़ का खतरा हो गया है। ग्रामीणों का कहना है कि रामगंगा का जलस्तर बढ़ने से किसानों की सैकड़ों बीघा फसल चौपट हो जाती है। वहीं, रामगंगा का पानी गांव में घुस जाने से दिक्कत का सामना करना पड़ता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें