एडमिशन की दौड़ शुरू हो गई। मोटी फीस सुनकर अभिभावकों के पसीने छूट गए। स्कूलों ने इस साल भी दस से 25 फीसदी तक बढ़ोत्त्ररी कर दी गई। अभिभावकों का हाल बुरा है। फीस बढ़ाए जाने का कुछ ने कारण पूछना चाहा तो कोई सीधा जवाब नहीं दिया गया।
इतना ही नहीं कई स्कूलों ने तो स्कूल में ही कोर्स बेचने का काम शुरू कर दिया है। लिहाजा सत्र शुरू होते ही एडमिशन को लेकर स्कूल संचालको की मनमानी भी शुर हो गई है,जिसकी वजह से दिक्कत होने लगी है। किसी स्कूल में तो एडमिशन के संग ही स्कूल से ही कोर्स लेने के लिए दबाव बनाया जाता दिखता रहा।
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नया सत्र शनिवार से शुरू हो गया। इसके साथ ही स्कूलों में एडमिशन को लेकर दौड़ शुरू हो गई। सीबीएसई से जुड़े स्कूलों के साथ ही पब्लिक स्कूलों की मनमानी भी शुरू हो गई है। स्कूल सचालकों की मनमानी का आलम यह रहा कि लोग सुबह से ही एडमिशन की जानकारी लेने के लिए सुबह स्कूल पहुंचने शुरू हो गए। शहर निजी स्कूलों में अभिभावकों की भीड़ सुबह से ही जुटना शुरू हो गई। अभिभावकों ने जब फीस के बारे में जानकारी मांगी तो अभिभावकों के भी होश उड़ गए। इन स्कूलों में एडमिशन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। एडमिशन फीस से लेकर बिजली, पानी, यहां तक का एसी तक का चार्ज भी वसूला जा रहा है।
हर साल एडमिशन फीस भी मनमानी तरीके से वसूली जा रही है। अंग्रेजी मीडियम स्कूलों ने इस साल स्कूल की फीस में 10 से 25 फीसदी तक की बढ़ोत्तरी कर डाली है, जिससे अभिभावक खासे परेशान नजर आ रहे हैं। फीस सुनकर तमाम अभिभावकों के पसीने छूट गए। इतना ही नहीं कई स्कूलों में तो स्कूलों में कोर्स खरीदने के लिए भी मजबूर कर दिया गया है। ज्यादातर स्कूल अब पूरी तरह से मनमानी पर उतारू हो गए हैं।