रामपुर। शनिवार से मुकद्दस माह रमजान की शुरुआत हो गई। रोजेदारों ने सुबह के वक्त सहरी खाई और इसके बाद नमाज अदा की। रात में तरावीह की नमाज अदा हुई और कलाम- ए- पाक पढ़ा गया। लॉकडाउन के कारण रोजेदारों ने पांच वक्त की नमाज और तरावीह की नमाज घरों में ही पढ़ी। मस्जिदों में पहले से तय इमाम समेत पांच लोगों ने ही नमाज अदा की।
अल्लाह की बेशुमार रहमतों का पाक माह रमजान शनिवार से शुरू हो गया है। रमजान माह में अल्लाह अपने नेक बंदों पर बेशुमार रहमतें बरसाता है। नेक बंदे भी दुनिया की सब बातें भूलकर सिर्फ अल्लाह की इबादत में ही अपना समय गुजारते हैं। पहले रोजे के साथ ही शनिवार से माह- ए- रमजान की शुरुआत हो गई। रमजान के पहले अशरे में लोगों ने अल्लाह तआला की इबादत की और दुआ की। रोजेदारों ने सुबह सहरी खाई और इसके बाद शाम को निर्धारित समय पर खजूर से इफ्तार किया। रात में मस्जिदों में तरावीह की नमाज अदा की गई लेकिन इस बार कोरोना वायरस के प्रकोप के कारण लागू लॉकडाउन के चलते मस्जिदों में सिर्फ तयशुदा पांच लोगों ने ही नमाज अदा की। कई बच्चों ने पहली बार भी रोजा रखा और अल्लाह तआला की इबादत की।