फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Rampur News: पीपली वन में तस्करों और वनकर्मियों के बीच फायरिंग

विज्ञापन
विज्ञापन
फायरिंग के बाद खैर की लकड़ी छोड़कर उत्तराखंड सीमा की ओर भागे
विज्ञापन

संवाद न्यूज एजेंसी
स्वार/मिलक खानम (रामपुर)। पीपली वन की अंबरपुर बीट में कुल्हाड़ी और आरे चलने की आहट पर पहुंचे वनकर्मियों को देखकर तस्करों ने फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में वन सुरक्षाकर्मियों ने भी दो राउंड फायर किए, जिसके बाद तस्कर खैर की लकड़ी छोड़कर उत्तराखंड सीमा की ओर भाग गए। घटना में किसी भी पक्ष को कोई चोट नहीं आई है।

वन रेंजर विजय कुमार गौतम ने बताया कि शनिवार रात करीब 11 बजे अंबरपुर बीट में संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिली थी। सूचना देने वाले वन सुरक्षाकर्मी के अनुसार तस्करों की संख्या करीब डेढ़ दर्जन थी। इसके बाद वन सुरक्षा दल मौके पहुंचा। वहां तस्करों ने वनकर्मियों को धमकाते हुए फायरिंग कर दी।
विज्ञापन

वनकर्मी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल से खैर की लकड़ी के करीब दस गोटे बरामद किए गए, जिन्हें पीपली वन चौकी ले जाया गया है। रेंजर ने बताया कि तस्करों की संख्या लगभग 18 से 20 के बीच थी। उनकी पहचान के लिए अलग-अलग टीमें लगाई गई हैं और पहचान होते ही उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
रेंजर विजय कुमार गौतम ने बताया कि रविवार शाम तक चले सर्च अभियान में पीपली वन में विभिन्न जगहों से खैर की लकड़ी के 66 गोटे बरामद किए जा चुके हैं। यह लकड़ी तस्करों द्वारा काटी गई थी लेकिन वह इसे जंगल से बाहर नहीं निकाल पाए।
-

सलारपुर रेंज कार्यालय परिसर में घुसपैठ की कोशिश, बाइक छोड़कर भागा तस्कर

स्वार। खैर की लकड़ी के तस्करों की नजर सलारपुर रेंज कार्यालय परिसर में रखी वन संपदा पर भी है। शनिवार शाम करीब सात बजे एक तस्कर रेंज कार्यालय के पास घुसने का प्रयास कर रहा था। सतर्क वनकर्मी ने उसे ललकारा तो वह घबराकर अपनी बाइक मौके पर छोड़कर भाग गया। रेंजर के अनुसार बाइक को रेंज कार्यालय परिसर में खड़ा करा दिया गया है। तस्कर की शिनाख्त के प्रयास किए जा रहे हैं, पहचान होते ही कार्रवाई की जाएगी। संवाद
विज्ञापन



दो माह पहले भी हो चुकी है मुठभेड़
स्वार। गौरतलब है कि अक्तूबर माह में भी तस्कर रेंज कार्यालय परिसर में घुस आए थे, जहां वनकर्मियों से कथित मुठभेड़ हुई थी। उस मामले में महिला वन सुरक्षा कर्मी की ओर से मिलक खानम पुलिस को तहरीर दी गई थी, जिसे लेकर विवाद हो गया था। पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज नहीं की और मुठभेड़ को फर्जी बताते हुए मामला डीएफओ को भेज दिया था। शासन तक मामला पहुंचने के बाद तत्कालीन रेंजर मुजाहिद हुसैन को निलंबन का सामना करना पड़ा था। संवाद
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें