फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Rampur News: जौहर विवि निर्माण में 416 करोड़ के घपले में आजम खां के खिलाफ एफआईआर दर्ज

Thu, 15 Oct 2026 03:02 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
विज्ञापन
विज्ञापन
रामपुर। जेल में बंद पूर्व कैबिनेट मंत्री एवं वरिष्ठ सपा नेता आजम खां से लंबी पूछताछ के लगभग छह घंटे बाद ईडी ने आजम खां, मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट, दो कॉन्ट्रैक्टर फर्मों समेत कुल पांच लोगों के खिलाफ मंगलवार रात करीब 10:50 बजे रामपुर के अजीमनगर थाने में एफआईआर दर्ज कराई है।
विज्ञापन

इसमें विश्वविद्यालय के निर्माण में 416.14 करोड़ के हेरफेर का आरोप लगाया गया है। ईडी के लखनऊ जोनल कार्यालय के उप निदेशक पीयूष एस. थोरेट की ओर से दर्ज कराई गई रिपोर्ट में आपराधिक षड्यंत्र, धोखाधड़ी और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराएं लगाई गई हैं। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जौहर ट्रस्ट की ओर से संचालित जौहर विश्वविद्यालय के निर्माण में सरकारी धन के दुरुपयोग और ट्रस्ट की आय को लेकर उठ रहे सवालों के मामले में ईडी ने यह कार्रवाई की है। ईडी की टीम इस प्रकरण की जांच के सिलसिले में सोमवार की रात रामपुर पहुंची थी। मंगलवार को शाम 4.30 बजे तक सपा नेता आजम खां से जेल में ही लगभग साढ़े सात घंटे पूछताछ की गई।
विज्ञापन

पूछताछ के बाद मंगलवार रात को ही एफआईआर दर्ज करा दी गई। रिपोर्ट में सपा नेता आजम खां के साथ ही मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट, एसएस एंटरप्राइजेज, एसएससीके एसोसिएट समेत पांच को आरोपी बनाया गया है। दर्ज एफआईआर के मुताबिक, विश्वविद्यालय परिसर में बने भवनों की निर्माण लागत 494.46 करोड़ रुपये आंकी गई थी, लेकिन वर्ष 2013-14 से 2024-25 तक के यूनिवर्सिटी के आयकर रिटर्न में केवल 78.32 करोड़ रुपये का पूंजीगत व्यय दिखाया गया। इस तरह निर्माण लागत और घोषित खर्च के बीच 416.14 करोड़ रुपये का अंतर सामने आया। ईडी ने इसे अघोषित निर्माण खर्च बताते हुए इसके स्रोतों की जांच की।
ईडी की रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि सपा शासन में सरकारी ठेके हासिल करने वाले ठेकेदारों ने निर्माण सामग्री जौहर विश्वविद्यालय परिसर में काम कराने के लिए पहुंचाई। रिपोर्ट में एक काॅन्ट्रैक्टर कंपनी के प्रबंध निदेशक के बयान का उल्लेख है। इसके मुताबिक, कंपनी को वर्ष 2013-14 से 2016-17 के बीच करीब 186 करोड़ रुपये के सरकारी ठेके मिले थे।
ईडी के अनुसार, जांच में ठेका राशि का लगभग 30 प्रतिशत हिस्सा विश्वविद्यालय के निर्माण में लगाए जाने की बात सामने आई। इस आधार पर अकेले इस कंपनी के माध्यम से जौहर विश्वविद्यालय के निर्माण में कम से कम 55.8 करोड़ रुपये की सरकारी धनराशि का इस्तेमाल किया गया।
रिपोर्ट में जल निगम की इकाई के जरिये विश्वविद्यालय परिसर में पंडाल, ओबीसी बालक छात्रावास और अस्पताल के निर्माण पर 23.41 करोड़ रुपये खर्च किए जाने का भी उल्लेख है। ईडी के मुताबिक, पंडाल के लिए जारी शुरुआती शासनादेश में इसका स्वामित्व संस्कृति विभाग के पास रखने और सरकारी उपयोग के लिए उपलब्ध कराने की शर्त थी।
बाद में शासनादेश में बदलाव कर पंडाल का स्वामित्व विश्वविद्यालय को हस्तांतरित कर दिया गया। इसके अलावा विधायक निधि से विवि परिसर में 6.60 करोड़ रुपये के कार्य कराए जाने की बात भी रिपोर्ट में कही गई है।

000
जाैहर विवि के निर्माण में सरकारी धन का दुरुपयोग करने का मामला अजीमनगर थाने में दर्ज किया गया है। ईडी की ओर से तहरीर दी गई थी, जिसके बाद मामला दर्ज किया गया है। मामले की विवेचना सीओ टांडा पंकज पंत को सौंपी गई है। -अनिल सिंह शिशोदिया, एसपी
000
तहरीर के आधार पर आजम खां और जौहर ट्रस्ट के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। इस मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा भी लगाई गई है। पुलिस ने विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके अनुसार कार्रवाई होगी। -अनुराग सिंह, एएसपी, रामपुर
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें