बमनपुरी की जमीन के रिकार्ड में हेराफेरी करने के मामले में आखिरकार
रिकार्ड रूम में तैनात रहे दो कर्मचारी फंस गए हैं। उनके खिलाफ सरकारी
रिकार्ड में हेराफेरी करने का मामला सिविल लाइंस थाने में दर्ज कराया गया
है। इन दो कर्मियों के अलावा एक अन्य के खिलाफ भी रिपोर्ट दर्ज कराई है।
पुलिस ने धोखाधडी कर कागजों में हेराफेरी का मामला दर्ज करते हुए मामले की
जांच शुरू कर दी है। जिले में सरकारी जमीनों के रिकार्ड में बड़े पैमाने
पर गड़बड़ी की जा रही है। तमाम कोशिशों के बाद भी सरकारी रिकार्ड में
घपलेबाजी रुक नहीं रही है।
नगर विकास मंत्री आजम खां की नाराजगी के बाद
डूंगरपुर की जमीन के रिकार्ड में हुई घपलेबाजी के मामले की जांच की आंच
बमनपुरी तक पहुंची। बमनपुरी के रिकार्ड में हेराफेरी की बात भी जांच में
सामने आई। प्रारंभिक रिपोर्ट में रिकार्ड में हेराफेरी के मामले की जांच
में रिकार्ड रूम में तैनात रहे दो कर्मचारियों के साथ ही तीन लोग फंस गए
थे।
उनके खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की थी। डीएम ने इस मामले में रिपोर्ट
दर्ज कराने के आदेश दिए थे। डीएम के आदेश के बाद अब इस मामले में रिकार्ड
रूम के अभिलेखागार प्रभारी सीपी सिंह ने रिकार्ड रूम में तैनात रहे बाबू
शमशुल हसन और भगवंत व मोहल्ला घेरतोंगा निवासी सलीम पर धोखाधड़ी कर
भ्ाूमि के रिकार्ड में हेराफेरी की रिपोर्ट दर्ज कराई है।
पुलिस ने
रिपोर्ट दर्ज करने के बाद मामले की तफ्तीश शुरू कर दी है। इस मामले में इन
दो कर्मियों को पहले ही सस्पेंड किया जा चुका है। पुलिस ने इस मामले की
जांच शुरू कर दी है। इंस्पेक्टर सिविल लाइंस अजय कुमार ने बताया कि इस
मामले में तीन आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज की गई है। पुलिस
मामले की जांच कर रही है।