रामपुर। सील तोड़कर दोबारा क्लीनिक चलाने का मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई करते हुए दो क्लीनिक संचालकों के खिलाफ सैफनी थाने में तहरीर दी है।
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पूर्व में सैफनी स्थित फ्रैक्चर क्लीनिक और खरसोल स्थित इंतजार क्लीनिक पर छापा मारकर उन्हें सील किया था। जांच के दौरान दोनों क्लीनिकों पर जरूरी पंजीकरण और अभिलेख नहीं मिले थे। इसके बावजूद दोनों स्थानों पर दोबारा मरीज देखे जाने और इलाज किए जाने की जानकारी सामने आई थी।
इसके बाद 24 मई के अंक में “सील क्लीनिक दोबारा खुले, स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई पर उठ रहे सवाल” शीर्षक से खबर प्रकाशित होने पर विभाग हरकत में आया। स्वास्थ्य विभाग ने दोनों क्लीनिक संचालकों के खिलाफ सैफनी थाने में तहरीर दी।
नोडल अधिकारी देवेश चौधरी ने बताया कि सील किए गए क्लीनिकों का दोबारा संचालन करने के मामले में दोनों संचालकों के खिलाफ शिकायत दी गई है।
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सील तोड़कर अस्पताल खोलने पर डॉक्टर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज
स्वार। नगर स्थित नाज हॉस्पिटल को सील किए जाने के बाद सरकारी सील तोड़ने के आरोप में डॉक्टर ईश्वर प्रसाद के खिलाफ कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। चार दिन पहले हॉस्पिटल में युवती के गर्भपात के प्रयास की शिकायत मिलने पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने छापेमारी की थी। मौके पर युवती और उसकी मां मिली थीं, लेकिन स्टाफ मौजूद नहीं था। इसके बाद हॉस्पिटल को सील कर दिया गया था। हालांकि एक घंटे बाद ही सील तोड़कर हॉस्पिटल दोबारा खोले जाने का वीडियो वायरल हो गया था। इस मामले में स्वास्थ्य विभाग ने डॉक्टर ईश्वर प्रसाद को कारण बताओ नोटिस जारी कर 24 घंटे में जवाब मांगा था, लेकिन निर्धारित समय तक कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद नोडल अधिकारी देवेश चौधरी की ओर से डॉ. ईश्वर प्रसाद के खिलाफ स्वार कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।