स्वार (रामपुर)। पिछले दिनों रुद्रपुर-काशीपुर मार्ग पर स्थित वसुंधरा अपार्टमेंट में खड़ी स्कॉर्पियो से खैर की लकड़ी बरामदगी के मामले में सात तस्करों के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुई है। इसमें कबाड़ स्क्रैप कार्य के लिए किराये पर अपार्टमेंट लेने वाला प्रयागराज का ठेकेदार मेराज खान भी नामजद हुआ है। इसके अलावा अन्य तस्करों में उधम सिंह नगर के दो भाइयों में शेर मोहम्मद और शाबिर के साथ ही उसके अन्य साथियों में मोहम्मद आसिम, राशिद, प्रतिपाल उर्फ साबी और परमजीत सिंह उर्फ पम्मा भी नामजद हैं।
यह मामला स्वार रेंज सलारपुर के वन दरोगा श्याम लाल गंगवार की तहरीर पर बिलासपुर थाना पुलिस ने प्रकरण संज्ञान में आने के आठवें दिन दर्ज किया है। वन दरोगा ने पुलिस को बताया है कि 11 मार्च की सुबह 4:15 बजे सूचना पर उनकी टीम ने डिबडिबा गांव में रुद्रपुर-काशीपुर मार्ग पर बने वसुंधरा अपार्टमेंट में छापा मारा था।
अपार्टमेंट परिसर में दो बाइक व एक स्कॉर्पियो खड़ी थी। इस स्कॉर्पियो के अंदर से 152 गट खैर की लकड़ी बरामद हुई थी। यह अपार्टमेंट बिलासपुर क्षेत्र के गांव डिबडिबा निवासी जसदीप सिंह का है। इन्होंने मेराज खान को अपार्टमेंट किराये पर दे रखा है। मेराज प्रयागराज जिले के मुरदुंगी फूलपुर क्षेत्र के कतरौला गांव निवासी है।
वन दरोगा श्यामलाल गंगवार ने पुलिस को बताया है कि मेराज खान के साथ उधमसिंह नगर के थाना गदरपुर के गांव कनकटा निवासी शाबिर और इसका भाई शेर मोहम्मद एवं मुकंदपुर का मोहम्मद आसिम, कुलवंतनगर का राशिद और केलाखेड़ा क्षेत्र के भायनंगला निवासी परमजीत सिंह उर्फ पम्मा आपस में मिलकर वन अपराध करते हैं। इसमें बिलासपुर थाना क्षेत्र के चंदेला गांव निवासी प्रतिपाल उर्फ साबी भी शामिल है। जिस स्कॉर्पियो में खैर की लकड़ी बरामद हुई है, वह कार परमजीत सिंह उर्फ पम्मा की है।
डिबडिबा क्षेत्र से बरामद की गई स्कॉर्पियो में लदी खैर की लकड़ी और दो बाइकों के मामले में आरोपियों के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। आरोपियों की धरपकड़ के लिए दबिश दी गई हैं, लेकिन कोई हाथ नहीं आया है। जल्द ही आरोपी गिरफ्तार किए जाएंगे। दोनों वाहन सीज कर दिए गए है।
- बलवान सिंह, प्रभारी निरीक्षक, कोतवाली, बिलासपुर
खैर की लकड़ी बरामदगी के मामले में आठ दिन बाद एफआईआर दर्ज हुई है। बरामद खैर की लकड़ी बरहैनी और पीपली वन क्षेत्र से काटी जाना प्रतीत होती है। अभी पीपली वन में कटान की जांच की जा रही है। तस्करों को रोकने के लिए गश्त भी बढ़ाई गई है। -
मुजाहिद हुसैन, वन रेंजर स्वार