रामपुर। टांडा थाने में आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में बिसरा रिपोर्ट कोर्ट में पेश न करने पर कोर्ट ने टांडा एसएचओ के खिलाफ प्रकीर्ण वाद दर्ज किया है। साथ ही एसपी और डीआईजी को भी इस संबंध में पत्र भेजा गया है।
टांडा थाने में साल 2011 में रामप्रसाद व एक अन्य व्यक्ति के खिलाफ आईपीसी की धारा 306 ( आत्महत्या के लिए उकसाने) के आरोप में रिपोर्ट दर्ज की गई थी। जिसमें विशेष न्यायधीश ईसी एक्ट मोहम्मद रफी की कोर्ट में गवाही की प्रक्रिया चल रही है। इस मामले में पुलिस को कोर्ट में बिसरा रिपोर्ट दाखिल करनी थी, लेकिन अभी तक की नहीं गई। जिसके लिए कोर्ट ने कई बार पत्र भी लिखा। इसके बाद 30 नवंबर को कोर्ट ने नोटिस जारी कर दिया लेकिन, फिर भी पुलिस ने बिसरा रिपोर्ट दाखिल नहीं की। जिस पर कोर्ट ने सख्त रवैया अपनाते हुए टांडा थाने के प्रभारी निरीक्षक (एसएचओ) के खिलाफ प्रकीर्ण वाद दर्ज करते हुए तलब किया है। मामले में छह जनवरी को उपस्थित होने के आदेश दिए हैं। साथ ही कोर्ट ने पत्र की प्रति एसपी और डीआईजी को भी भेजी है।