सोशल मीडिया पर सुनसान स्कूल के फोटो वायरल होने के बाद एसडीएम ने औचक निरीक्षण किया। इस दौरान कई कमियां मिली। 114 पंजीकृत बच्चों में महज सात उपस्थित मिले। इस बीच स्कूल की बदहाली को लेकर शिक्षक एसडीएम के निरीक्षण के बाद भिड़ गए। एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगाने लगे।
पिछले कई दिनों से ट्विटर पर स्वार के ग्राम दढ़ियाल मुस्तकहम के पूर्व माध्यमिक विद्यालय का फोटो वायरल हो रहा है। भाजपा आईटी सेल के जिला उपाध्यक्ष पीयूष प्रकाश सक्सेना लगातार शिक्षकों की अनुपस्थिति व बच्चों के गायब रहने की फोटो अपलोड कर रहे थे। अफसरों ने इसका संज्ञान लिया। इस पर शनिवार को अचानक टांडा के एसडीएम एसपी सिंह स्कूल पहुंच गए।
उन्होंने मिड डे मील सहित स्कूल में बच्चों के संख्या की जांच की। एसडीएम ने सवाल जवाब किए तो शिक्षक एक दूसरे पर ही आरोप प्रत्यारोप लगाने लगे। सहायक अध्यापक अशोक कुमार व सहायक अध्यापिका बबीता ने हेड इंचार्ज ममता गुप्ता पर बच्चों की गलत संख्या दर्शाने और मिड डे मील ज्यादा लेने का आरोप लगाया, तो हेड इंचार्ज भी भड़क गईं।
उन्होंने भी दोनों पर अक्सर बिना बताए स्कूल से गायब रहने और समय पर स्कूल नहीं आने सहित कई गंभीर आरोप लगा दिए। ममता गुप्ता ने दोनों पर कुछ दिन पहले खंड शिक्षाधिकारी द्वारा उनकी अनुपस्थिति लगाने के बाद से रंजिश रखने का आरोप भी लगाया। इसी को दूसरे खूब गर्मागर्मी हुई।
शिक्षकों ने अपने पद की गरिमा को तार तार कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार एसडीएम के जाने के बाद बच्चों के सामने तीनों में तकरार हुई। इस दौरान स्कूल में शिक्षण पूरी तरह ठप रहा। दढ़ियाल प्रथम के जूनियर बेसिक स्कूल की हेड इंचार्ज ममता गुप्ता एनपीआरसी भी हैं। एसडीएम ने बताया कि स्कूल में कई कमियां मिलीं। बच्चों की उपस्थिति की भी शर्मनाक स्थिति थी। रिपोर्ट जिलाधिकारी को भेज दी है।