रामपुर। अधिवक्ता फारुख अहमद हत्याकांड में जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी नीरज रस्तोगी को हाईकोर्ट ने राहत दे दी है। हाईकोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका मंजूर कर ली है।
11 फरवरी को जिला पंचायत दफ्तर में वकील फारुख अहमद की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हत्या का आरोप जिला पंचायत के लिपिक असगर अली पर लगा था।
इस मामले में अधिवक्ता की पत्नी गौसिया निशी की ओर से सिविल लाइंस थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी जिसमें असगर अली के साथ ही जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी नीरज रस्तोगी को भी नामजद किया गया था।
पुलिस ने आरोपी असगर अली को गिरफ्तार करते हुए जेल भेज दिया था। इस घटना के बाद गुस्साए वकीलों ने आंदोलन भी किया था। वकीलों ने इस प्रकरण में अपर मुख्य अधिकारी की गिरफ्तारी की भी मांग की थी।
इस बीच अपर मुख्य अधिकारी ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से हाईकोर्ट की शरण लेते हुए अग्रिम जमानत मांगी थी। इस पर मंगलवार को सुनवाई हुई।
बार एसोसिएशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सर्वजीत सिंह ने बताया कि इस मामले में हाईकोर्ट ने अब अपर मुख्य अधिकारी नीरज रस्तोगी की अग्रिम जमानत याचिका को मंजूर कर लिया है।