बिलासपुर (रामपुर)। सरकार ने क्रय केंद्रों पर खरीद नहीं की तो किसानों को सड़कों पर आंदोलन करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। यह बात बृहस्पतिवार को तराई किसान यूनियन की पंचायत में यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष तजिंदर सिंह विर्क ने कही।
उन्होंने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार की ग़लत ख़रीद नीति के कारण किसानों की धान की फ़सल 1500 से1600 रुपये प्रति क्विंटल बिक रही है। जबकि धान का न्यूनतम समर्थन 2389 रुपये प्रति क्विंटल है। अभी तक क्रय केंद्र नही लगे हैं। केंद्रों पर धान की ख़रीद नमी के मानक के आधार पर होगी, जबकि किसान की जो का धान की कटाई हो रही है, उसकी नमी निर्धारित मानक से ज्यादा है। क्रय केंद्रों पर धान सुखाने के लिए ड्रायर फड की व्यवस्था नहीं है। ऊपर से मौसम की मार से किसान परेशान हैं।
उन्होंने ने कहा कि सरकार ने चावल के निर्यात पर रोक लगा दी है, जिससे धान की निजी ख़रीद नहीं हो रही है। अगर सरकार ने समय रहते क्रय केंद्रों पर ख़रीद के बंदोबस्त नहीं किए तो मंडियों में आंदोलन का बिगुल बजाया जाएगा। पंचायत में यादविंदर सिंह टीना, रणजीत सिंह आदि मौजूद थे।