फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दूरस्थ धान क्रय केंद्रों पर नहीं पहुंच रहे किसान

विज्ञापन
विज्ञापन
रामपुर। जिले में धान क्रय की रफ्तार अब धीमी पड़ गई है। जिसकी बड़ी वजह ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में बने धान क्रय केंद्रों पर धान की आवक न होना है। इन क्षेत्रों के किसानों ने धान बेच दिया है और अब इन केंद्रों पर धान खरीद थम गई है।
विज्ञापन

जिले में एक अक्तूबर से धान खरीद शुरू की गई। इसके लिए जिले में करीब सवा सौ धान क्रय केंद्र बनाए गए। शुरुआत के कुछ समय बाद धान खरीद ने रफ्तार पकड़ी लेकिन, इस दौरान किसानों ने बिचौलियों से धान खरीद के अलावा क्रय केंद्रों पर तमाम अन्य अनियमितताओं के आरोप लगाए। लेकिन, इन सबके बावजूद जिले में अब तक निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष करीब 85 फीसदी धान खरीद हो चुकी है। अभी करीब पंद्रह फीसदी लक्ष्य और पूरा किया जाना है लेकिन, अब तमाम क्रय केंद्रों पर धान खरीद थम गई है। करीब पचास फीसदी धान क्रय केंद्र ग्रामीण क्षेत्रों व दूरस्थ इलाकों में बने थे, इनमें बड़े किसान कम ही थे। जो क्षेत्र के किसान थे उन्होंने शुरुआत में ही अपना धान बेच दिया, जिस कारण अब इन क्रय केंद्रों पर किसान धान लेकर नहीं पहुंच रहे हैं। जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी डॉ. अनुपम कुमार ने बताया कि ग्रामीण व दूरस्थ इलाकों में बनाए गए क्रय केंद्रों पर अब किसान नहीं पहुंच रहे हैं। क्रय केंद्रों पर पूरे दिन तौल नहीं हो रही है और धान क्रय थम सा गया है। हालांकि मंडी व तहसील मुख्यालयों पर बनाए गए क्रय केंद्रों में अब भी किसान पहुंच रहे हैं लेकिन, उनकी संख्या भी काफी कम है। इसके लिए लगातार किसानों से संपर्क किया जा रहा है कि जो भी किसान बचे हुए हैं वो अपना धान क्रय केंद्रों पर बेच दें।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें