रामपुर। भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि किसानों की समस्याओं के समाधान को लेकर 22 जुलाई से रोजाना 200 किसान संसद भवन जाएंगे। कहा कि सरकार ने अगर कृषि कानूनों पर पांच सितंबर तक कोई फैसला नहीं लिया तो पश्चिम बंगाल चुनाव की तरह उत्तर प्रदेश में भी किसानों की नाराजगी का खामियाजा भुगतान पड़ेगा।
राकेश टिकैत गुरुवार को उत्तराखंड से आते समय पहले कोयला टोल प्लाजा पर चल रहे धरना स्थल पर रुके। इसके बाद रामपुर स्थित संगठन के कार्यालय पर पदाधिकारियों से मुलाकात कर चर्चा की। इस दौरान मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि जब तक तीनों कृषि कानून वापस नहीं होंगे उनका आंदोलन जारी रहेगा। किसानों की समस्याएं हल नहीं हुई तो 22 जुलाई से रोजाना 200 किसान संसद भवन जाएंगे। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में किसानों को गेहूं का पूरा मूल्य नहीं मिला और सरकार एमएसपी पर खरीद के लिए गारंटी कानून बनाने में आनाकानी कर रही है। गन्ना किसानों का भी करोड़ों रुपये का भुगतान बकाया है। किसान परेशान है, बारिश हो नहीं रही और डीजल इतना महंगा हो गया है कि सिंचाई नहीं कर पा रहा। किसान को डीजल पर सब्सिडी दी जाए और नहरों में पानी छोड़ा जाए। उन्होंने कहा कि आंदोलन को और मजबूत करने के लिए छोटी-बड़ी पंचायत की जाएंगी। सरकार 5 सितंबर तक कृषि कानूनों पर फैसला नहीं लेती तो पश्चिम बंगाल की तरह उत्तर प्रदेश में भी खेला होगा। संगठन के पदाधिकारी चुनाव नहीं लड़ेंगे लेकिन, हम तमाशा देख रहे हैं और सही वक्त पर फैसला कर आंदोलन की रणनीति घोषित की जाएगी। इस मौके पर चौधरी अजीत सिंह, हरपाल सिंह, मनजीत सिंह अटवाल, जागीर सिंह, मनजीत सिंह, सुंदर सिंह, मोहम्मद मुस्तकीम, अंकित चौधरी, गुड्डू, छेदा नेता, होरीलाल, दरियाव सिंह, विरेंद्र सिंह, अमृतपाल भिंडर, मोहम्मद आसिफ, मनजीत सिंह, सलीम, अरशद, अजय बाबू गंगवार, विनोद यादव, मोहम्मद कासिम, वीरेंद्र सिंह गंगवार भी मौजूद रहे।