शाहबाद। कस्बे के मुख्य बाजार में हुए दंपती गोलीकांड के बाद पूरे नगर में शोक का माहौल है। बर्तन व्यापारी सुनील रस्तोगी और उनकी पत्नी नेहा रस्तोगी की मौत के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। बेटे पीयूष रस्तोगी और बेटी कृषि रस्तोगी का रो-रोकर बुरा हाल है। दोनों का कहना है कि उन्हें कभी अंदाजा नहीं था कि उनके माता-पिता इतना बड़ा कदम उठा लेंगे।
बताया जा रहा है कि आर्थिक तंगी, पारिवारिक जिम्मेदारियों और पत्नी की लंबी बीमारी के कारण सुनील रस्तोगी काफी समय से मानसिक तनाव में थे। बृहस्पतिवार सुबह उन्होंने अपनी लाइसेंसी राइफल से पत्नी नेहा रस्तोगी को पीठ से सटाकर खुद को गोली मार ली थी। एक ही गोली लगने से दोनों की मौत हो गई थी। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई थी।
पीयूष और कृषि ने बताया कि घर में सुख-दुख आते रहते हैं, लेकिन उन्हें इस बात की भनक तक नहीं थी कि उनके माता-पिता अंदर ही अंदर इतना टूट चुके थे। कृषि एक दिन पहले ही नोएडा से घर आई थी। उसने बताया कि वह अपने माता-पिता से ठीक से बात भी नहीं कर सकी थी और इससे पहले ही यह घटना हो गई।
घटना के बाद से दोनों भाई-बहन गहरे सदमे में हैं। परिजन लगातार उनके साथ मौजूद हैं और उन्हें अकेला नहीं छोड़ रहे हैं। परिवार के करीबी लोगों का कहना है कि दोनों किसी से ज्यादा बातचीत भी नहीं कर पा रहे हैं।
पुलिस को मौके से सुनील रस्तोगी की 15 पेज की डायरी भी मिली थी। डायरी में उन्होंने अवसाद, आर्थिक परेशानियों, पारिवारिक जिम्मेदारियों और पत्नी की बीमारी का जिक्र किया था। उन्होंने लिखा था कि वह लंबे समय से मानसिक तनाव में थे और परिवार पर बोझ नहीं बनना चाहते थे।कोतवाल प्रदीप कुमार ने बताया कि मामले में कई पहलुओं पर जांच की जा रही है।