शहर में बिना लाइसेंस संचालित हो रहे नर्सिंग होम में प्रसव के दौरान जच्चा-बच्चा की मौत हो गई। घटना के बाद नर्सिंग होम संचालक ने परिजनों से जच्चा-बच्चा को सरकारी अस्पताल ले जाने की बात कहते हुए टरका दिया और नर्सिंग होम में ताला डाल दिया।
रविवार सुबह को जब घटना पूरे शहर में फैली तो नर्सिंग होम पर ताला लटका मिला। सीएमओ ने एसीएमओ को मौके पर भेजा। एसीएमओ ने पुलिस की मौजूदगी में नर्सिंग होम को सील कर दिया और संचालिका के खिलाफ मेडिकल एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज करा दी है।
भोट थाना क्षेत्र के करीमपुर शर्की गांव निवासी हरिओम ने अपनी पत्नी जशोदा को प्रसव के लिए शनिवार दोपहर पुराना गंज स्थित चमन नर्सिंग होम में भर्ती कराया। प्रसव के लिए 15 हजार रुपये की फीस तय की गई। हरिओम का आरोप है कि भर्ती के करने के बाद रात में जशोदा का प्रसव किया गया।
प्रसव के बाद जशोदा और नवजात दोनों की मौत हो गई। उन्होंने नर्सिंग होम संचालिका से कारण पूछा तो उन्होंने संतोषजनक जनाब नहीं दिया। जच्चा-बच्चा को सरकारी अस्पताल ले जाने की बात कही। इस पर हरिओम जच्चा-बच्चा को नर्सिंग होम से ले गया।
इसके बाद नर्सिंग होम संचालिका ने आनन-फानन में नर्सिंग होम में अंदर से ताला डालकर बंद कर दिया। सुबह तक नर्सिंग होम में जच्चा-बच्चा की मौत पूरे शहर में फैल गई। मौके पर भीड़ लगनी शुरू हो गई, लेकिन तब तक संचालिका की ओर से नर्सिंग होम को बंद कर दिया गया था।
घटना की जानकारी पर सीएमओ डा. शंकर लाल सारस्वत ने एसीएमओ डा. एमसी गर्ग को मौके पर भेजा। डा. एमसी गर्ग ने भारी पुलिस बल की मौजूदगी में नर्सिंग होम को सील कर दिया। सील किए जाने की कार्रवाई की वीडियो रिकार्डिंग भी की गई।
पुराना गंज में अवैध रूप से चल रहे नर्सिंग होम में जच्चा-बच्चा की मौत प्रकरण को कैबिनेट मंत्री मो. आजम खां ने भी गंभीरता से लिया है। उन्होंने कहा कि वो शनिवार रात शहर में नहीं थे। मामले की पूरी जानकारी ली जाएगी। जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।
उन्होंने कहा कि मेरी जानकारी दो-एक नर्सिंग होम ऐसे और हैं, जो कि सपा की सरकार आने के बाद सील कर दिए गए थे। वो भी पीछे के दरवाजे से चलना शुरू हो गए हैं। उनका भी संज्ञान लेंगे और इस मामले का भी गंभीरता से संज्ञान लेंगे देखेंगे इस मामले को गलती है तो सजा मिलेगी और इंसाफ होगा।