रामपुर। आजम खां 2017 में नगर विकास मंत्री थे। उन्होंने अपने रसूख के दम पर लखनऊ नगर निगम से फर्जी जन्म प्रमाणपत्र बनवाया था। उसी पत्र के आधार पर फर्जी पैन कार्ड बनवाकर बेटे अब्दुल्ला को चुनाव लड़ाया था। रामपुर कोर्ट का यह फैसला आजम खान के खिलाफ दर्ज 104 मुकदमों में से एक है। अब तक अदालत 11 मामलों में फैसला सुना चुकी है। इनमें से छह मामलों में आजम खां को सजा हो चुकी है। वहीं, पांच मामलों में उन्हें बरी किया गया है। यह सातवां केस था जिसमें उन्हें सजा सुनाई गई है।
पांच साल की सजा होती तो छूट सकते थे आजम
आजम खां को अगर पांच साल की सजा होती तो कोर्ट उन्हें जमानत पर छोड़ सकता था। वो पांच साल की सजा पूरी कर चुके हैं। लेकिन इस केस में उन्हें सात साल की सजा हुई है। इस कारण उन्हें जेल जाना पड़ा।