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Rampur News: चार दिन बाद भी तेंदुआ पकड़ से दूर, गांवों में दहशत

Wed, 05 Feb 2025 01:55 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
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मसवासी। करीमपुर गांव में किसान के कुत्ते को निवाला बनाने वाला तेंदुआ चार दिन बाद भी पकड़ा नहीं जा सका है। तेंदुआ के न पकड़े जाने से किसान और उनके परिवार दहशत में हैं।
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पिछले सप्ताह के बृहस्पतिवार की रात तेंदुआ ने करीमपुर निवासी बलदेव सिंह के फार्म हाउस में घुसा था और उनके पालतू कुत्ते का शिकार कर लिया था। पालतू कुत्ते को फार्म हाउस से उठा ले जाने की पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई थी। जिसके बाद से किसान सहित अन्य ग्रामीण दहशत में हैं। किसान सहित ग्रामीणों में तेंदुआ का खौफ इस कदर व्याप्त है कि दिन के समय में भी लोग डंडे लेकर समूह बनाकर खेतों पर जा रहे हैं। वन विभाग के अधिकारियों को पिंजरे में शिकार बांधने की अनुमति नहीं मिल सकी है। जिसके चलते तेंदुआ चार दिन बाद भी पकड़ में नहीं आ सका है। तेंदुआ के खुलेआम घूमने से ग्रामीण दहशत में हैं। तेंदुआ को पकड़ने में वन विभाग की लापरवाह कार्यशैली से ग्रामीणों में रोष व्याप्त है। वन क्षेत्राधिकारी मुजाहिद हुसैन ने बताया कि तेंदुए की लोकेशन ट्रेस की जा रही है। सटीक लोकेशन मिलने पर पिंजरा लगाएंगे। वन क्षेत्राधिकारी ने बताया कि तेंदुआ का आखिरी लोकेशन 29 जनवरी की रात में सरदार बलदेव सिंह के फार्म हाउस पर मिली थी। उसकी सुबह 30 जनवरी को पिंजरा फार्म हाउस पर लगाया था। वर्तमान में पिंजरा फार्म हाउस पर ही रखा है। लोकेशन ट्रेस करने के लिए मंगलवार को कोई स्टाफ करीमपुर में नहीं भेजा।
30 जनवरी को मांगी अनुमति, नहीं लिया गया संज्ञान

वन क्षेत्राधिकारी मुजाहिद हुसैन ने बताया कि उन्हें पता चला है कि तेंदुआ की वर्तमान लोकेशन करीमपुर गांव में बंद स्टोन क्रशर के आसपास मिली है। अब वहां पिंजरा लगाएंगे। उन्होंने बताया कि पिंजरा में शिकार बांधने के संबंध में 30 जनवरी को ही डीएफओ को पत्र लिखकर अनुमति मांगी थी, लेकिन अभी तक अनुमति मिल नहीं सकी है और अब मिल भी जाए तो किस काम की, क्योंकि अब तेंदुआ की लोकेशन भी बदल गई है। चूंकि, इसमें नियम यह है कि पिंजरा में कोई शिकार बांधने के लिए डीएफओ लखनऊ वाइल्ड लाइफ से अनुमति लेते हैं।
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पिंजरा में शिकार बांधने के संबंध में उत्तर प्रदेश में वन्यजीवों के प्रधान मुख्य वन संरक्षक (पीसीसीएफ) से अनुमति मिलेगी। इसके लिए हमने वन संरक्षक को पत्राचार किया है। तेंदुआ की लोकेशन ट्रेस करने के लिए हमारा स्टाफ हर रोज करीमपुर व आसपास के गांवों में जा रहा है। इन गांवों में हम अभी जागरूकता कार्यक्रम भी चलाएंगे। ग्रामीणों को वन्य जीवों की पहचान और उनके पदचिह्न के बारे में जागरूक करेंगे।
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- प्रणव जैन, डीएफओ
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