व्यापार बंधु की बैठक में बिजली विभाग द्वारा की जा रही मनमानी का मुद्दा उठाया गया। व्यापारियों ने साफ किया कि बिजली कर्मचारी मनमानी करते हुए बिना रीडिंग के ही बिल भेज रहे हैं, जिससे व्यापारियों को दिक्कत होती है। डीएम ने इस पर गहरी नाराजगी जाहिर करते हुए सभी जेई को चेतावनी दी कि यदि बिना रीडिंग के बिल भेजने की शिकायत मिलने पर दोषियों पर रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी।
कलक्ट्रेट सभागार में आयोजित व्यापार बंधु की बैठक में व्यापारियों द्वारा शहर में निर्मित सार्वजनिक शौचालय बंद होने तथा नालियों में गंदगी के कारण जलभराव संबंधी समस्या की शिकायत पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त की तथा अधिशासी अधिकारी रामपुर को शीघ्र शौचालय खुलवाने और नालियों की साफ-सफाई कराने के सख्त निर्देश दिए।
इस दौरान रामपुर विकास प्राधिकरण के सचिव बैजनाथ ने बताया कि शहर में आरडीए स्तर से प्रस्तावित लाइट एवं अन्य जनसामान्य की सुविधा एवं सुरक्षा के दृष्टिकोण से कार्य कराए जाएंगे। व्यापारियों एवं उद्यमियों द्वारा विद्युत आपूर्ति तथा बिना मीटर रीडिंग कराये ही बिल भेजने की समस्या उठाई। कहा कि बिजली विभाग के कर्मचारी मनमानी पर उतारू हैं। बिना रीडिंग के बिल भेज रहे हैं और कनेक्शन काट रहे हैं, जिससे व्यापारी परेशान हैं।
उन्होंने चेकिंग के नाम पर भी व्यापारियों व आम जनता का उत्पीड़न करने का मुद्दा उठाया। इस पर जिलाधिकारी ने अधिशासी अभियंताओं को निर्देश दिए कि वे समस्त जूनियर इंजीनियरों और अन्य कर्मचारियों को सख्त हिदायत दें कि जनसामान्य को अनावश्यक कोई समस्या नहीं होनी चाहिए। यदि भविष्य में अनियमित तरीके से विद्युत बिल भेजने की शिकायत आती है तो दोषी के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी मनोज कुमार, नगर मजिस्ट्रेट ओमप्रकाश, उपायुक्त उद्योग सुशील कुमार शर्मा के साथ ही उद्योग व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष शैलेंद्र शर्मा, पश्चिमी उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष पीयूष जिंदल, राजीव मांगलिक, नरेश अरोड़ा, अवतार सिंह, मनीष कथूरिया, कपिल आर्य, देवेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे