रमजान में भी बिजली की मनमाने ढंग से कटौती शुरू हो गई है। पूरे दिन बिजली की आंखमिचौली का सिलसिला बना रहता है, जिससे लोग परेशान हैं। यही नहीं तमाम इलाकों में पेयजलापूर्ति भी बाधित है। ऐसे में बदहाल बिजली और पेयजलापूर्ति कहीं कानून व्यवस्था के लिए खतरा न बन जाए।
पिछले कई दिनों से भीषण गर्मी पड़ रही है। सूरज की तपिश से लोगों का जीना दुभर हो गया है। रमजान का पाक माह भी चल रहा है, लेकिन इसके बाद भी शहर की बिजली व्यवस्था पटरी पर नहीं आ पा रही है। बीते एक सप्ताह से हालात बद से बदत्तर हो गए हैं। लोगों को न तो भरपूर पानी मिल पा रहा है और न ही बिजली।
आलम यह है कि फूलों वाली बगिया, घेर आजम खां, बारादरी महमूद खां, बेलदरान, बजरिया खानसामा, घेर सलामत खां, मजार टाट शाह मियां, मजार बगदादी साहब समेत तमाम इलाकों में पेयजल की किल्लत है। लगातार शिकायतों के बाद भी नगर पालिका लोगों की समस्या का समाधान नहीं कर सकी है।
बिजली की बात की जाए तो शाहबाद गेट, किला, अजीतपुर, पहाड़ी गेट क्षेत्रों में मनमाने ढंग से कटौती शुरू हो गई है। शाम होते ही आधे शहर में अंधेरा पसर जाता है। अजीतपुर क्षेत्र में गुरुवार को चार घंटे तक सप्लाई गुल रही। शाहबाद गेट क्षेत्र का भी यही हाल रहा।
यही नहीं ओवरलोडिंग और लोकल फाल्टों के नाम पर कई कई घंटे आपूर्ति बंद रहती है। विंभाग की इस मनमानी के चलते लोगों में आक्रोश है। यदि हालात नहीं सुधरे तो बिजली पानी का यह संकट कानून व्यवस्था के लिए भी खतरा बन सकता है।