रमजानुल मुबारक के दूसरे जुमे पर भी मस्जिदों में नमाजियों की भीड़ उमड़ पड़ी। अकीदत के साथ नमाज अदा कर कौम और मुल्क की तरक्की की दुआ की गई। इस दौरान उलमा ने रोजे और कुरान की फजीलत भी बयां की।
माह ए रमजान के दूसरे जुमे की नमाज को लेकर जामा मस्जिदों में काफी तादाद में नमाजी पहुंचे। नमाज से पहले उलमा ने रोजे और नमाज की फजीलत बयां की। उलमा ने कहा कि रोजे और इबादत का पाबंद होकर अल्लाह की रजा हासिल करें। रोजा हर बालिग, सेहतमंद और मुकीम पर फर्ज है। रोजेदार पर अल्लाह की बेशुमार रहमतें बरसती हैं।
विज्ञापन
हर मुसलमान को चाहिए कि इस मुबारक महीने को अच्छी तरह से कुरान की नसीहत के दायरे में गुजारें। इसके साथ ही उलमा ने रोजे के दौरान नेक काम कर अधिक से अधिक नेकियां हासिल करने को कहा। माह ए रमजान की अहमियत बयां करते हुए कहा कि रमजान का चांद नजर आते ही शैतान कैद कर दिया जाता है और जन्नत के दरवाजे खोल दिए जाते हैं।
अल्लाहतआला अपनी रहमतों से गुनाहगारों को अजाब से निजात देता है। नमाज के बाद मुल्क और कौम की सलामती और तरक्की की दुआ की गई। जुमे की नमाज से पहले मस्जिदों के आसपास पालिका की ओर से सफाई कराई गई और चूना भी डलवाया गया।