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जौहर ट्रस्ट को चंदा देने वालों को ईडी ने किया तलब

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रामपुर। सांसद आजम खां के जौहर ट्रस्ट को मिलने वाले चंदे की जांच प्रक्रिया ने तेजी पकड़ ली है। इसको लेकर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 50 लाख रुपये से अधिक का चंदा देने वालों को नोटिस जारी किया है। उन्हें लखनऊ तलब करते हुए जवाब देने को कहा गया है। इसमें रामपुर, मुरादाबाद समेत प्रदेश के कई जिलों के लोग शामिल हैं। इससे सीतापुर जेल में बंद सांसद आजम खां की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। ईडी ने मनी लांड्रिंग का केस दर्ज करने के बाद अब उस मामले की जांच तेजी से शुरू कर दी है।
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दरअसल, भाजपा नेता आकाश सक्सेना ने ईडी से शिकायत की थी कि सांसद आजम खां ने 2012 में समाजवादी पार्टी की सरकार बनने के बाद 560 एकड़ भूमि में जौहर विश्वविद्यालय का निर्माण कार्य शुरू करवाया। आरोप था कि इसमें नियमों व कानून को ताक पर रखकर बहुत बड़ी मात्रा में सरकारी धन का दुरुपयोग व सरकारी जमीनों एवं गरीब किसानों एवं अनुसूचित जाति के लोगों की जमीनों को जबरन अपने नाम करवा कर उस पर भवन निर्माण कराया गया है। आरोप था कि आजम खां ने अपने ठेकेदारों, उद्योगपतियों से करोड़ों रुपये चंदे के रूप में लेकर काले धन को सफेद करने की भी कोशिश की थी।
भाजपा नेता का आरोप था कि जिन जिन लोगों से चंदा लिया गया है, उनमें से सैकड़ों लोगों को यह भी नहीं पता कि उनके नाम की रसीदें काट दी गई हैं। वहीं कई लोगों के तो आयकर विभाग में रिटर्न तक दाखिल नहीं किए गए हैं, जबकि उनके नाम से जौहर विश्वविद्यालय को लाखों-करोड़ों रुपये का चंदा देना दिखाया गया है। इस तरह चंदा देने वालों में रामपुर, मुरादाबाद, अमरोहा, संभल समेत प्रदेश के बाकी जिलों के लोग शामिल हैं।
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इस मामले में ईडी ने केस भी दर्ज कर लिया था, जिसके बाद अब इस मामले की जांच तेज हो गई है। ईडी ने आजम खां के करीबी ठेकेदारों समेत ऐसे सभी लोगों को नोटिस जारी किए हैं, जिन्होंने ट्रस्ट को 50 लाख रुपये से अधिक चंदा दिया है। ईडी ने इन सभी लोगों को लखनऊ आकर जबाव देने के लिए कहा है। इसके अलावा ट्रस्ट को लाखों रुपये में चंदा देने वालों की लिस्ट भी तैयार की जा रही है। उन्हें भी नोटिस जारी किए जाएंगे। साथ ही उनके बैंक खातों और संपत्तयिों की भी जांच की जाएगी।
उद्योगपति और कारोबारी भी जांच के दायरे में
ईडी की जांच का दायरा और भी बढ़ सकता है। क्योंकि, शुरुआती जांच में कुछ उद्योगपति, कारोबारी एवं ठेकेदारों के बारे में जानकारी मिली है। ऐसे में ईडी के अधिकारी इन लोगों के खातों की निगरानी कर रहे हैं। वहीं, ईडी के नोटिस जारी करने के बाद ट्रस्ट को चंदा देने वालों में हड़कंप मचा हुआ है।
संभल के दो लोगों से पूछताछ के बाद गहराया शक
जौहर ट्रस्ट को मोटा चंदा देने वालों के मामले में ईडी ने संभल के दो लोगों से पूछताछ की थी। इन लोगों ने बताया था कि उन्हें चंदा देने के लिए नकद धनराशि मिली थी, जिसके बाद बैंक के जरिए यह धनराशि जौहर ट्रस्ट को दे दी गई। यहीं से ईडी का शक गहरा हो गया और ईडी ने 50 लाख रुपये अधिक चंदा देने वालों को नोटिस जारी कर दिए।
हमने जौहर ट्रस्ट को चंदा देने वालों की लिस्ट ईडी व गृह मंत्रालय को सौंपी थी। इनमें कई उद्योगपति, नेता, ठेकेदार और अन्य लोग शामिल हैं। हमने यह भी जांच करने की मांग की थी कि यह भी देखा जाए कि जौहर ट्रस्ट को चंदा देने के अलावा उन्होंने और कहां कहां चंदा दिया है। क्योंकि, ऐसे लोग भी शक के दायरे में हैं, जिन्होंने सिर्फ जौहर ट्रस्ट को ही चंदा दिया है।
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- आकाश सक्सेना हनी, भाजपा नेता एवं शिकायतकर्ता, रामपुर
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