हिट एंड रन कानून में संशोधन के खिलाफ निजी बस और ट्रक चालकों ने विरोध जताना शुरू कर दिया है। रामपुर में ट्रक और प्राइवेट बसों के चालकों ने प्रदर्शन किया। इसके चलते रोडवेज का संचालन भी पूरी तरह ठप हो गया है। इससे यात्री भटकने को मजबूर हैं।
रामपुर में वाहन चालकों की हड़ताल का व्यापक असर देखने को मिला। मंगलवार को भी ट्रक ऑपरेटर्स और अन्य यूनियनों ने सरकार के हिट एंड रन कानून में बदलाव के खिलाफ विरोध जताया। इससे बसों का संचालन भी ठप हो गया। इससे साल का पहला दिन मुसाफिरों के लिए मुसीबत भरा रहा। रामपुर में चालकों ने हड़ताल का एलान करते हुए हाथ खड़े कर दिए। जिससे रामपुर रोडवेज डिपो का संचालन बंद हो गया।
रामपुर रोडवेज डिपो की सेवा पूरी तरह से ठप हो गई थी। इसके बाद कुछ समय के लिए बाहर से आई लंबी दूरी की एक दो रोडवेज बसों पर सवारियां टूट पड़ी। खासकर बरेली जाने वाली सवारियों को बस पकड़ने में मशक्कत करनी पड़ी। दोपहर करीब 4 बजे तक पूरी तरह से परिवहन सेवाएं ठप हो गई।
रामपुर में रोडवेज डिपो को नए साल पर नौ लाख रुपये का झटका लगा है। रोडवेज का लक्ष्य नौ लाख रखा गया था, जिसमें आमदनी आठ लाख के करीब हो पा रही थी, लेकिन इस एक दिन का यदि पूरा लक्ष्य मानकर चलें तो नौ लाख रुपये का सीधा झटका रामपुर रोडवेज डिपो को मिला है। अभी अगले दो दिन और सेवाएं ठप रह सकती हैं।
उत्तराखंड सीमा पर स्थापित इंडेन बॉटलिंग प्लांट के ट्रक चालकों की हड़ताल के कारण लगभग 30 से 35 हजार परिवारों के सामने गैस का संकट खड़ा होने की आशंका पैदा हो गई है। प्लांट से प्रतिदिन 35 हजार प्रतिदिन गैस सिलिंडरों की सप्लाई होती है। यहां मथुरा समेत अन्य रिफाइनरी से गैस के कैप्सूल आते हैं, जिसके बाद यहां सिलिंडरों में बॉटलिंग होती है।
इसके बाद गैस सिलिंडरों की आपूर्ति उत्तर प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों के अलावा उत्तराखंड के शहरों की गैस एजेंसियों तक पहुंचती है।सोमवार को बॉटलिंग प्लांट से एक भी ट्रक बाहर नहीं निकल सका। स्वार इंडेन गैस एजेंसी के सह संचालक अनीस अहमद अंसारी का कहना है कि हड़ताल लंबी खिंची तो उपभोक्ताओं के सामने संकट और बढ़ सकता है।
चालक-परिचालक कानून के विरोध में हड़ताल पर चले गए हैं। जिस वजह से डिपो की सभी बसें खड़ी कर दी गई हैं। एक बस बरेली तक गई थी, लेकिन वहां पर रोक ली गई थी। -दीपचंद्र जैन, एआरएम, रोडवेज डिपो, रामपुर