रामपुर। इसे लापरवाही कहें या फिर पालिका की सुस्ती कि पिछले वित्तीय वर्ष में टेंडर होने के बाद भी बधियाकरण शुरू नहीं कराया जा सका। अब इस बार फिर बोर्ड की स्वीकृति लेने के फेर में यह उलझकर रह गया है। हाल यह है कि फिर मोहल्लों में कुत्ते आक्रामक हो रहे हैं और तपिश बढ़ने के साथ मामले आने भी शुरू हो जाएंगे, ऐसे में इसकी रोकथाम करने के लिए पालिका के पास कोई विकल्प नहीं है।
चिलचिलाती धूप और तपिश के बीच कुत्तों के स्वभाव में परिवर्तन आता है और यह काफी आक्रामक हो जाते हैं। गली-मोहल्लों में यह कभी वाहन के नीचे तो कभी झुंड के साथ गलियों में घूमते मिल जाते हैं और गुजरने वाले लोगों को निशाना बना लेते हैं। शहर में भी काफी मामले ऐसे हो चुके हैं, जिसमें अधिकतर बच्चों को निशाना बनाया गया है।
बताया जा रहा है कि इस गर्मी भी काफी अधिक पड़ने का अनुमान है तो ऐसे में फिर से यह कुत्ते लोगों को निशाना बनाएंगे, लेकिन इसका हल नहीं निकल सका है। दरअसल, पालिका की सुस्ती और लापरवाही की वजह से इस बार भी इसका दंश शहरवासियों को भुगतना होगा। पालिका ने 44 लाख का ठेका मैसर्स श्याम हेल्पिंग कंपनी को दिया था और कंपनी के लोग भी निर्मित एबीसी सेंटर पर पहुंच गए थे।
कुत्ते पकड़ने के लिए संसाधन को लेकर इंतजार कर रहे थे, लेकिन वित्तीय वर्ष गुजरने के बाद भी यह काम शुरू नहीं कराया जा सका। हाल यह है कि दोबारा वित्तीय वर्ष के लिए बोर्ड अनुमति मांगी जाएगी और फिर बधियाकरण का कार्य शुरू कराया जा सकेगा।
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अस्पताल में आ रहे 30-35 मरीज
जिला अस्पताल में कुत्तों से पीड़ित 30-35 मरीज रोजाना पहुंच रहे हैं। कुत्ते सबसे ज्यादा बच्चों को निशाना बना रहे हैं। किसी के हाथ में कुत्ते ने काटा है तो किसी के पांव को घायल किया है।
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एबीसी सेंटर हो चुका है तैयार
एबीसी सेंटर यानी एनिमल बर्थ कंट्रोल सेंटर का निर्माण काफी समय पहले हो चुका था। 100 से अधिक बाड़े इसमें बने हुए थे लेकिन यह सेंटर भी बिना कोई कार्य शुरू हुए जर्जर हो रहा है। इसमें घासें उग आई हैं और मुख्य द्वार का शेड भी टूट चुका है।
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क्या बोले लोग
गर्मी अब और बढ़ेगी, जिससे कुत्तों का हमला और तेज होगा। मोहल्लों के लोगों की इससे दिक्कत बढ़ जाएगी। यह कुत्ते झुंड बनाकर गली-मोहल्लों में दौड़ते हैं, जिससे परेशानी बढ़ती है। -पप्पू
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खूंखार कुत्तों का आतंक काफी ज्यादा बढ़ रहा है। आए दिन यह लोगों को काट रहे हैं, जिससे लोगों की दिक्कत बढ़ रही है। इन कुत्तों का बधियाकरण होना जरूरी है। -रवि यादव
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पता नहीं पालिका इतनी देर क्यों कर रही है। कुत्तों को जल्द से जल्द पकड़ना चाहिए, जिससे इस खतरे से निजात मिल सके। इस बार गर्मी में फिर कुत्ते आक्रामक होंगे, जिससे मुसीबत बढ़ सकती है। -करतार यादव
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यहां पर कुत्तों का एबीसी सेंटर बनकर काफी समय से तैयार है। कुछ समय पहले यहां कुत्तों को लेकर आए थे, लेकिन फिर एकदम से कुत्ते लाना बंद कर दिया था। यह काफी समय पहले की बात है। -कन्हई यादव
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वर्जन
पिछले वित्तीय वर्ष में काम नहीं हो सका था। 2026-27 के वित्तीय वर्ष के लिए बोर्ड से सभी की अनुमति ली जाएगी। इसके बाद ही इस पर काम शुरू किया जाएगा। -दुर्गेश्वर त्रिपाठी, अधिशासी अधिकारी, रामपुर