स्वार सीएचसी में नारेबाजी करते रोगी। स्रोत नागरिक
स्वार (रामपुर)। रविवार को अवकाश के बाद सोमवार की सुबह से ही सीएचसी में मरीजों की भीड़ लग गई, लेकिन 11 बजे तक को डॉक्टर नहीं पहुंचा। काफी देर इंतजार के बाद मरीज आक्रोशित हो गए और हंगामा शुरू कर दिया। जिसके बाद स्वास्थ्यकर्मियों ने सूचना देकर डॉक्टरों को बुलाया। तब मरीज शांत हुए।
मौसम बदलने के कारण फीवर, खांसी-जुकाम और सांस के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। सीएचसी में प्रतिदिन नए और पुराने लगभग 300 मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। रविवार के अवकाश के बाद सोमवार को सीएचसी खुली तो मरीजों की भीड़ उमड़ पड़ी। मरीज सुबह दस बजे तक पंजीकरण खिड़की पर कतार में लगकर पर्चे बनवा रहे थे। इसके चलते ओपीडी में रोगियों की तादाद बढ़ गई, लेकिन सुबह 11 बजे तक एक भी डॉक्टर अपने कक्ष में नहीं आया था। इसको लेकर रोगियों में गुस्सा पैदा हो गया और उन्होंने अव्यवस्था के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी।
मोहम्मद अहमद, अशफाक हुसैन और अहमद हसन सहित कई लोगों ने बताया कि वह सुबह सीएचसी पहुंच गए थे। लाइन में लगकर पर्चा बनवाया और चिकित्सक के कक्ष में पहुंचे तो डॉक्टर ही नहीं थे। काफी देर तक कक्ष के बाहर डॉक्टर का इंतजार किया, लेकिन 11 बजे तक कोई नहीं पहुंचा। मरीजों का कहना था कि अस्पताल में समय से डॉक्टरों के देर से आने के कारण उन्हें भारी परेशानी झेलनी पड़ती है।
सूचना मिलने पर स्वास्थ्यकर्मियों ने पहुंचकर मरीजों को शांत कराया और चिकित्सक को तत्काल बुलाया गया। बाद में स्थिति सामान्य हुई। सीएचसी अधीक्षक डॉ. राजीव चंदेल ने बताया कि सीएचसी की पंजीकरण खिड़की सुबह दस बजे खुल जाती है, लेकिन रोगी सुबह आठ बजे ही आ जाते हैं।