जिलाधिकारी
राकेश कुमार सिंह बुधवार को विकास भवन में विकास कार्यों की समीक्षा बैठक
को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायत को लेकर लागू आचार
संहिता अब समाप्त हो चुकी है। इस दौरान विकास का कार्य प्रभावित रहे हैं,
अब जरूरत है कि विकास कार्यों में तेजी लाकर लक्ष्यों की पूर्ति की जाए।
इसके लिए सभी अधिकारी अपने विभागों की योजनाओं को पूर्ण करने हेतु रणनीति
तैयार कर लें। मार्च तक शत-प्रतिशत लक्ष्यों की पूर्ति न होने पर संबंधित
अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। मीटिंग में उन्होंने मंगलवार को
आयोजित तहसील दिवस में अनुपस्थित अधिकारियों से स्पष्टीकरण तलब किया है।
डीएम
ने कहा कि बाल
स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत विद्यालयों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं का
स्वास्थ्य परीक्षण हेतु गठित 14 टीमों द्वारा नियमित रूप से कराई, जो इस
कार्यक्रम के तहत राजकीय खुर्शीद, कन्या इंटर कालेज एवं शिशु
सदन के छात्रों का स्वास्थ्य परीक्षण कराने हेतु जिला विद्यालय निरीक्षक से
समन्वय स्थापित कर तिथि निर्धारित कर ली जाए।
उन्होंने बैठक में उपस्थित
अपर मुख्य चिकित्साधिकारी को निर्देशित करते हुए कहा कि जननी सुरक्षा एवं
जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम के तहत गर्भवती महिलाओं एवं नौवजात शिशुओं को
दी जाने वाली दवाऐं, टीके, भोजन एवं मानदेय आदि से लाभान्वित कराएं।
उन्होंने
कहा कि ग्राम स्वास्थ निधि के तहत प्रत्येक ग्राम पंचायतों में उपलब्ध
कराई जा रही 10 हजार रुपये व्यय करने हेतु सभी 684 ग्राम प्रधानों को
गाइडलाइन्स जारी कर व्यय सुनिश्चित कराई जाए। उन्होंने कौशल विकास योजना की
समीक्षा करते हुए कहा कि प्रगति संतोषजनक नहीं है।
जनपद में 362 ट्यूबवेल
के सापेक्ष 26 ट्यूबवेल खराब बताये गए हैं, जिसमें कुछ विद्युत दोष से
प्रभावित है। उन्होंने मुख्य विकास अधिकारी को निर्देश दिया कि विद्युत
विभाग एवं लघु सिंचाई विभाग की सामूहिक बैठक बुलाकर उसे ठीक कराएं।