सरकारी अमला योगी सरकार की आलू खरीद योजना को पलीता लगा रहे हैं। कर्मचारी पीली और बदरंग बताकर किसान का आलू रिजेक्ट कर रहे हैं। क्रय केंद्र पर अब तक 30 किसानों का आलू रिजेक्ट किया जा चुका है। केंद्र पर अब तक सिर्फ 11 क्विंटल आलू खरीदा जा सका है।
प्रदेश सरकार ने किसानों का आलू 487 रुपये क्विंटल खरीदने का फैसला लिया है। मुरादाबाद और बरेली मंडल के किसानों का आलू खरीदने की जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश राज्य औद्यानिक सहकारी विपणन संघ को सौंपी गई है। खरीद के लिए 12 अप्रैल को नवीन मंडी में केंद्र खोला गया है। लेकिन, सरकारी अमला अब तक सिर्फ 11 क्विंटल आलू खरीद सका है। जो आलू खरीदा गया है उसका भंडारण शीत गृह में कर दिया गया है। केंद्र पर जो भी किसान आलू लेकर पहुंच सके हैं उसमें कमियां निकाली जा रही हैं।
केंद्र पर अब तक 30 किसानों का आलू रिजेक्ट कर दिया गया। किसी का हरा, दागदार और किसी का बदरंग बताया जा रहा है। किसान अब आलू केंद्र पर लेकर नहीं जा रहे हैं। बल्कि सस्ते दामों में मंडी में ही बेच रहे हैं। हालांकि खरीद में तेजी लाने के लिए कुछ दिन पहले संघ की चेयरमैन संगीता देवी ने भी केंद्र का निरीक्षण किया था। उन्होंने भी एक किसान का आलू रिजेक्ट कर दिया था।