रामपुर। एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) की अत्याधुनिक तकनीक के जरिये टीबी रोगियों की जांचें अब शुरू कर दी गईं हैं। पिछले कुछ दिनों से इसकी कवायद चल रही थी। मशीन और कंप्यूटर सिस्टम अपडेट होने के बाद इसको शुरू किया गया है। अब तक कैंपों के जरिये 1000 से अधिक एक्सरे निकाले जा चुके हैं। सोमवार को वृद्वाश्रम में कैंप लगाया जाएगा और लोगों की जांचें की जाएंगी।
अभी तक टीबी मरीजों का एक्स-रे कराने के बाद डॉक्टर को दिखाया जाता था और डॉक्टर ही पुष्टि करते थे कि टीबी है या नहीं, लेकिन अब एआई तकनीक के जरिये डिजिटल एक्सरे में खुद व खुद पॉजिटिव और नेगेटिव लिखकर आ जाएगा।
इस प्रक्रिया के लिए जिला क्षय नियंत्रण केंद्र को अपडेट किया गया है। यहां पर लगी एक्स-रे मशीन को एआई से जोड़ा गया है, जबकि कंप्यूटर सिस्टम का सॉफ्टवेयर अपडेट किया गया है। वहीं अभी नई आई हैंडलेड मशीन को भी अपडेट किया गया है। इस मशीन के जरिये एक्स-रे निकाले जा रहे हैं। जगह-जगह जाकर टीबी मरीजों की खोज के लिए अभियान चलाया जा रहा है।
जिला कारागार में पांच टीबी मरीज खोजने के बाद पटवाई और शाहबाद में जांच की गई थी, जिसमें एक्स-रे में लक्षण मिलने पर सैंपल लिए गए थे। अब सोमवार को टीम वृद्धाआश्रम पहुंचेगी और यहां पर लोगों का एक्स-रे कर सैंपल इकट्ठा कर लैब के लिए भेजेगी।
जिला क्षय नियंत्रण केंद्र में अब तक की अगर बात करें तो एक हजार से अधिक डिजिटल एक्सरे निकल चुके हैं, जिनमें मरीज यदि पॉजिटिव है तो उस पर पॉजिटिव और नेगेटिव है तो नेगेटिव लिखकर आ रहा है। लक्षण मिलने के साथ सैंपल लेकर लैब में भेजा जा रहा है। इस प्रक्रिया से मरीजों को तुरंत जानकारी हो रही है कि उनको टीबी के लक्षण हैं या फिर नहीं।
डीटीओ सत्यप्रकाश ने बताया कि टीम लगातार लगी हुई है और कैंप लगाकर टीबी मरीजों को खोजा जा रहा है।