रामपुर। परिषदीय स्कूलों में डिजिटलाइजेशन का विरोध तेज हो गया है। सोमवार को व्यवस्था लागू होने के बाद मंगलवार को दूसरे दिन रामपुर जिले में शिक्षकों ने ऑनलाइन हाजिरी नहीं लगाई। शिक्षकों ने विरोध में काली पट्टी बांधकर शिक्षण कार्य कराया। इस दौरान शिक्षकों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की।
परिषदीय स्कूलों में डिजिटलाइजेशन की व्यवस्था लागू हो गई है। सोमवार को इसका पहला दिन था। पहले दिन बारिश के कारण स्कूलों की छुट्टी कर दी गई थी। लेकिन शिक्षकों ने धरना देकर प्रदर्शन किया था, जबकि मंगलवार को दूसरे दिन भी शिक्षकों ने विरोध प्रदर्शन किया। परिषदीय स्कूलों के शिक्षकों ने दूसरे दिन भी ऑनलाइन हाजिरी नहीं लगाई। शिक्षकों ने काली पट्टी बांधकर विरोध प्रदर्शन किया। शिक्षक नेताओं ने कहा कि डिजिटलाइजेशन ऑनलाइन उपस्थिति के अव्यवहारिक आदेश है। इसको लेकर जनपद के शिक्षकों- शिक्षामित्रों, अनुदेशकों द्वारा काली पट्टी बांधकर विरोध किया और किसी के द्वारा कोई ऑनलाइन उपस्थिति नहीं दी। कहा कि शिक्षकों को समय-समय पर अपमानित करने का कार्य विभाग में बैठे अधिकारी कर रहे हैं, जिससे शिक्षक व कर्मचारी घुटन महसूस कर रहा है। राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के जिलाध्यक्ष रवेंद्र गंगवार ने बताया ऑनलाइन उपस्थिति का आदेश ही शिक्षकों का अपमान है, जिससे शिक्षक समाज में जबरदस्त आक्रोश है सरकार आज भी समस्त विद्यालयों में बिजली रसोईघर चहारदीवारी विद्यालय में कक्षा अनुसार शिक्षक मौजूद नही है।
दूसरे दिन किसी भी शिक्षक ने नहीं लगाई ऑनलाइन हाजिरी
जिले में किसी भी शिक्षक ने दूसरे दिन ऑनलाइन हाजिरी नहीं लगाई। प्रभारी बीएसए मजाहरुल हसन ने बताया कि मंगलवार की शाम पांच बजे तक जिले की ऑनलाइन उपस्थिति शून्य थी। जबकि सोमवार को पहले दिन स्कूलों की बारिश के कारण छुट्टी हो गई थी।
बोले शिक्षक
डिजिटलाइजेशन व ऑनलाइन उपस्थिति अव्यवहारिक आदेश है जो दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यालय आज भी कच्चे रास्तों और नदियों के रास्तों से गुजरना होता है। आज भी विद्यालयों में नेटवर्क बिजली रसोईघर जैसी व्यवस्था नहीं है। आदेश को निरस्त किया जाए और वर्षों से शिक्षकों की लंबित मांग पूरी कराई जाए। - रवेंद्र गंगवार, जिलाध्यक्ष राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ
जिस प्रकार से सरकार ने ऑनलाइन अटेंडेंस का आदेश थोपा है। यह तानाशाही को दर्शाता है। उत्पीड़न करने की मंशा से यह थोपा गया है, जिसका शिक्षक विरोध कर रहे हैं। संगठन इस मुखर विरोध में शिक्षकों के साथ खड़ा है। जब तक यह आदेश वापिस नहीं लिया जाता और लंबित मांगों को पूर्ण नहीं किया जाता उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ ऑनलाइन अटेंडेंस का विरोध करता रहेगा। - चरन सिंह, जिला मंत्री, उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ शाखा
आज सभी शिक्षकों ने काली पट्टी बांधकर ऑनलाइन अटेंडेंस का विरोध किया। जब तक ऑनलाइन अटेंडेंस का आदेश वापस नहीं होता है तब तक विरोध जारी रहेगा। - कैलाश बाबू पटेल, जिलाध्यक्ष, प्राथमिक शिक्षक संघ
ऑनलाइन अटेंडेंस का आदेश पूर्णता अव्यवहारिक है सरकार को पहले स्कूलों में मूलभूत सुविधाएं और शिक्षकों की समस्याओं को निस्तारण करना चाहिए। - आनंद प्रकाश गुप्ता, जिला मंत्री, प्राथमिक शिक्षक संघ