रामपुर। जिला अस्पताल की डायलिसिस यूनिट में मरीजों की वेटिंग चल रही है। पॉजिटिव मरीजों के लिए यूनिट में सिर्फ दो मशीनें उपलब्ध हैं, जिन पर आठ मरीज डायलिसिस के लिए वेटिंग में हैं। वहीं निगेटिव मरीजों के लिए आठ मशीनें लगी हैं और फिलहाल सभी मशीनों पर मरीजों की डायलिसिस की जा रही है। ऐसे में डायलिसिस के मरीजों की सांसें अटकी हुई हैं, जबकि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी बेफिक्र हैं।
डायलिसिस की जरूरत वाले मरीजों की संख्या बढ़ने के कारण यूनिट पर दबाव बना हुआ है। पॉजिटिव मरीजों के लिए अलग मशीनों की व्यवस्था होने के कारण उपलब्ध मशीनों की संख्या सीमित है। वर्तमान में इन दो मशीनों पर आठ मरीज अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। निगेटिव मरीजों के लिए उपलब्ध आठों मशीनें भी पूरी क्षमता से चल रही हैं। इन मशीनों पर नियमित रूप से मरीजों की डायलिसिस की जा रही है। अस्पताल में डायलिसिस के लिए आने वाले मरीजों को उनकी स्थिति और जरूरत के अनुसार मशीन उपलब्ध कराई जाती है।
अस्पताल प्रशासन के अनुसार यूनिट में लगातार डायलिसिस की सुविधा दी जा रही है। डायलिसिस इंचार्ज डॉ. प्रियंका ने बताया कि मरीजों की संख्या और उपलब्ध मशीनों के हिसाब से डायलिसिस का संचालन किया जा रहा है।
डायलिसिस के लिए तीन मशीनों का भेजा जा चुका है प्रस्ताव
डायलिसिस इंचार्ज डॉ. प्रियंका ने बताया कि डायलिसिस यूनिट में मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए तीन नई मशीनों के लिए प्रस्ताव भेजा जा चुका है। इसमें निगेटिव मरीजों के लिए एक और पॉजिटिव मरीजों के लिए दो मशीन शामिल है। प्रस्ताव स्वीकृत होने के बाद मशीनें उपलब्ध होने पर यूनिट में डायलिसिस की क्षमता बढ़ सकेगी। इससे फिलहाल वेटिंग में चल रहे पॉजिटिव मरीजों को भी राहत मिलने की उम्मीद है। अस्पताल प्रशासन का कहना है कि अतिरिक्त मशीनें मिलने के बाद मरीजों को डायलिसिस के लिए उपलब्ध संसाधनों के अनुसार सुविधा देने में सहूलियत होगी।