अधिकारियों की कार्यशैली से क्षुब्ध किसानों ने नगर विकास मंत्री मोहम्मद आजम खां के आवास पर धरना देने का एलान किया है। धरने को हाईकमान ने भी हरी झंडी दे दी है। कार्यकर्ता आंदोलन को सफल बनाने में जुट गए हैं।
अधिकारी किसानों की समस्याओं को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। अधिकतर सरकारी नलकूप खराब पड़े हैं।
नहरों भी पानी नहीं है। नहरों की सफाई के नाम पर लाखों रुपये का घपला किया गया। धान खरीद केंद्र भी कागजों में चल रहे हैं। किसानों को गन्ने का भुगतान नहीं मिला है। समाजवादी पेंशन और पारिवारिक लाभ योजना में फर्जीवाड़ा किया जा रहा है।
अधिकारियों की कार्यशैली से क्षुब्ध भाकियू ने नगर विकास मंत्री आजम खां के आवास या कार्यालय पर 25 नवंबर से धरना देने का ऐलान किया है। धरने को सफल बनाने के लिए सोमवार को भी कार्यालय पर भाकियू की पंचायत बुलाई। उसमें धरने की रणनीति बनाई। धरने पर बैठने वाले किसानों की भी सूची तैयार की गई।
मंडल उपाध्यक्ष हसीब अहमद ने बताया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत के बात हो गई है। उन्होंने भी मंत्री के आवास पर धरने की स्वीकृति दे दी है। आश्वासन दिया है कि आंदोलन का राष्ट्रीय नेतृत्व का पूरा समर्थन मिलेगा। पंचायत में वीरेंद्र सिंह, होरी लाल, निरोत्तम सिंह, रामकुमार सिंह, तंजीम अली, मंसूर अली, आबिद हुसैन, सुरेश सिंह थे।