चीनी मिलों को क्षेत्र आवंटन का खाका तैयार कर लिया गया। मिलों को अधिकतर पुराने क्रय केंद्र ही आवंटित होंगे। त्रिवेणी और राणा के सिर्फ चार केंद्रों में बदलाव हो सकता है। मिलों ने पेराई की तैयारी पूरी कर ली है। दो मिलों में पूजन भी हो चुका है। पेराई सत्र 2015-16 के लिए 21 सितंबर को लखनऊ में गन्ना सुरक्षण की मीटिंग बुलाई गई थी।
मीटिंग में गन्ना किसानों ने स्वार के आरसल-पारसल और उसके आसपास गांवों का गन्ना त्रिवेणी चीनी मिल से हटाकर बाजपुर मिल से अटैच करने, मिलक क्षेत्र के क्रमचा, अहमदनगर, कुंदनपुर, मतवाली और मिलक चतुर्थ केंद्र राणा को राणा को देने का प्रस्ताव रखा था।
इसी तरह बेनजीर गेट को त्रिवेणी से हटाकर किसी दूसरी मिल को देने का प्रस्ताव रखा था। हालांकि मीटिंग में राणा और त्रिवेणी मिल का कोई भी प्रतिनिधि नहीं पहुंचा था। कई दिन की माथापच्ची के बाद क्षेत्र आवंटन का खाका तैयार कर लिया गया।
जिला गन्ना अधिकारी आरएस कुशवाहा ने बताया कि दो या तीन दिन में केंद्र आवंटन का आदेश मिल जाएगा। मिलों को अधिकतर पुराने केंद्र ही आवंटित होंगे। मिलों ने पेराई की तैयारी मुकम्मल कर ली है। राणा और बिलासपुर मिल में पूजन हो गया है। राणा 29 और त्रिवेणी 30 नवंबर से पेराई शुरू कर देगी। मिलों ने अधिकतर केंद्र स्थापित कर लिए हैं।