कर्मचारी, शिक्षक, अधिकारी पुरानी पेंशन बहाली मंच के बैनर तले एक दर्जन से अधिक विभागों के कर्मचारी एकत्र हुए। कर्मियों ने पुरानी पेंशन को अपना अधिकार बताते हुए हर हाल में इसे बहाल कराने की मांग रखी। ऐसा न होने पर कार्य बहिष्कार से लेकर अनिश्चतकालीन हड़ताल तक का ऐलान किया गया। इसके बाद प्रशासन के माध्यम से मुख्यमंत्री को एक ज्ञापन भेजा गया।
तमाम विभागों के कर्मी आंबेडकर पार्क में एकत्र हुए। यहां पर मंच के अध्यक्ष प्रेम सिंह चौहान और संयोजक पवन कुमार सक्सेना ने कर्मियों को नई व पुरानी पेंशन के बारे में बताया। वक्ताओं ने कहा कि पुरानी पेंशन कोई भीख नहीं उनका अधिकार है, और इसे वो लेकर रहेंगे। कहा कि यदि पुरानी पेंशन बहाली को सरकार कोई निर्णय नहीं लेती तो 29 से 31 अगस्त तक तीन दिवसीय कार्य बहिष्कार किया जाएगा।
इसके बाद 8 अक्तूबर को लखनऊ में विशाल रैली निकाली जाएगी और इस पर मांग पूरी न होने पर 25 से 27 अक्तूबर तक तीन दिवसीय हड़ताल की जाएगी। इसके बाद भी यदि कर्मियों के हित में निर्णय नहीं लिया गया तो मजबूरन अनिश्चितकालीन हड़ताल की जाएगी। इसके बाद कर्मियों ने पुरानी पेंशन बहाली के लिए प्रशासन के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा।
इस दौरान एनपी सिंह, गनेशी लाल, विश्वबंधु, परवेज अहमद, जगदीश पटेल, अनिल सक्सेना, इंद्रेश कुमार, दिलशाद, चरन सिंह, मनोज कुमार, रविन्द्र गंगवार, कुलदीप जौहरी, मुनीश चंद्र शर्मा, चितेंद्र यदुवंशी, सतेंद्र प्रकाश शर्मा, दीपक शर्मा, निदा खुशनूद, नरेंद्र सक्सेना, राजकुमार, एजाजुद्दीन, नवीन सिंह, अक्षय भटनागर, उमेंद्र पाल सिंह, सरफराज आदि मौजूद रहे।
वहीं दूसरी ओर सेवानिवृत्त कर्मचारी एवं पेंशनर्स एसोसिएशन ने भी आंबेडकर पार्क में बैठक पुरानी पेंशन बहाली को समर्थन दिया और अपनी विभिन्न समस्याओं के निस्तारण की मांग उठाई। जिसमें पेंशन के वेतनमान पुनरीक्षित करने, कैशलेस इलाज, परिवहन विभाग की बसों में छूट आदि की मांग की गई। इस दौरान राममोहन लाल सक्सेना, वेदप्रकाश शर्मा, मुस्ताक अंसारी, राजेंद्र सिंह, एनपी सिंह, अजय सक्सेना, रामसरन कटारिया आदि मौजूद रहे।