भोट। भारतीय किसान यूनियन अंबावता की पंचायत में आगामी समय में किसानों के गेहूं की फसल की बिक्री के दौरान किसानों को होने वाली परेशानी से बचने के लिए जिले में सरकारी गेहूं क्रय केंद्रों की संख्या बढ़ाने की मांग की गई। रविवार को भारतीय किसान यूनियन अंबावता से जुड़े कार्यकर्ताओं द्वारा क्षेत्र के सनकरा गांव में पंचायत का आयोजन किया गया। जिसमें मौसम की मार से खराब हुई फसल का मुआवजा दिलाए जाने व किसानों को कर्ज मुक्त किए जाने के मुद्दे उठाए गए। प्रमुख राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मोहम्मद हनीफ वारसी ने कहा कि सभी पदाधिकारी गांव-गांव जाकर किसानों की खराब हुई फसल की सूची बनाएं। जल्दी ही किसानों की सूची जिलाधिकारी को सौंप कर मुआवजे की मांग की जाएगी।
कहा कि महंगाई चरम पर है और किसान की आर्थिक स्थिति बहुत खराब है। कृषि लागत कई गुना बढ़ गई है। लेकिन गेहूं की फसल के दाम महंगाई के अनुपात में नहीं बढ़ाए गए हैं। जिले में गेहूं क्रय केंद्रों की संख्या बढ़ा कर चार गुना की जाए ताकि किसानों को गेहूं की फसल बेचने में परेशानी का सामना न करना पड़े। इस दौरान प्रशासन से रूद्र बिलास किसान चीनी मिल के नवीनीकरण की भी मांग करते हुए कहा किसान अपने अधिकारों को पहचाने व एकजुट होकर संगठन को मजबूत करें। छह अप्रैल को आंबेडकर पार्क में पंचायत का आयोजन कर डीएम को ज्ञापन सौंप कर किसानों की समस्याओं के समाधान की मांग की जाएगी। इस दौरान मुराद खान, रेखा रानी, महेंद्र सिंह, उषा देवी, रज्जो देवी, मोहम्मद अहमद, फरीद खान आदि मौजूद रहे।
-