रामपुर। शहर के चर्चित अधिवक्ता फारुख खां हत्याकांड के मुख्य आरोपी एवं जिला पंचायत के लिपिक असगर अली के मुकदमे की पैरवी अब लीगल एंड डिफेंस काउंसिल करेगी। जिम्मेदारी मिलने के बाद काउंसिल से जुड़े अधिवक्ताओं ने मामले की तैयारी शुरू कर दी है।
फरवरी में जिला पंचायत कार्यालय में दिनदहाड़े अधिवक्ता फारुख खां की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मृतक की पत्नी एवं जिला पंचायत कर्मी निशा गौसिया की तहरीर पर पुलिस ने विभाग के ही बाबू असगर अली समेत दो आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था।
जांच के दौरान पुलिस ने मुख्य आरोपी असगर अली को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। जेल में बंद असगर अली की ओर से सेशन कोर्ट में दाखिल जमानत अर्जी भी खारिज हो चुकी है।
फरवरी से जेल में बंद असगर अली की पैरवी नहीं करने का फैसला जिले के अधिवक्ताओं ने किया था। इसके बाद आरोपी ने विधिक सेवा प्राधिकरण से वकील उपलब्ध कराने की मांग की। इस पर प्राधिकरण ने उसकी पैरवी की जिम्मेदारी लीगल एंड डिफेंस काउंसिल को सौंप दी।
डिप्टी चीफ काउंसिल हेमंत जोशी ने बताया कि मामले की पैरवी की जिम्मेदारी काउंसिल को सौंपी गई है। अब असगर अली की ओर से काउंसिल ही न्यायालय में पक्ष रखेगी।
वहीं, अधिवक्ता फारुख खां की हत्या के बाद उनकी पत्नी निशा गौसिया ने आरोपी को कड़ी सजा दिलाने के लिए कई अधिवक्ताओं से संपर्क किया है। इसके साथ ही उन्होंने बार एसोसिएशन से भी सहयोग मांगा है।
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आज तय हो सकते हैं आरोप
रामपुर। फारुख हत्याकांड में जेल में बंद जिला पंचायत कर्मी असगर अली पर शनिवार को न्यायालय में आरोप तय हो सकते हैं। कोर्ट ने मामले में शनिवार की तारीख निर्धारित की है।